अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

आता माझी सटकली

फाइनेंस कंपनी के चेयरमैन को पत्र

आदरणीय, 
सादर नमस्कार। 

मैं अपनी बेस्ट फाइनेंस कंपनी की रामगढ़ शाखा का शाखा प्रबंधक हूँ। मैं इस शाखा में अकेला अधिकारी हूँ, इसके बावजूद भी मैंने शाखा के सभी टार्गेट्स पूर्ण किए हैं। हमारी शाखा को 300 किसान क्रेडिट कार्ड, 150 कार लोन, 500 पर्सनल लोन, 100 पेंशनर लोन, 100 हाउसिंग लोन, 300 एजुकेशन लोन, 100 केश क्रेडिट लोन, 50 मॉर्गेज लोन, 1000 बेस्ट लाइफ इन्सुरेंस कंपनी की पॉलिसीस और 50 क्विंटल दाल विक्रय करने, शाखा के सभी ग्राहकों को बेस्ट लोनो एप्प इंस्टॉल करवाकर उन्हें डिजिटल बैंकिंग में माहिर करवाना और 5000 जनधन खाते खोलने के टारगेट्स मिले थे, ये टारगेट्स हमारी शाखा ने येनकेन प्रकारेण पूर्ण कर लिए हैं। क्रॉस सेल्लिंग के अंतर्गत इन्सुरेंस कंपनी की पॉलिसीस, क्रिकेट मैच के टिकिट, सिनेमा के टिकिट, सर्कस के टिकिट, चिड़ियाघर के टिकिट, पपेट शो के टिकिट, जादूगर के शो के टिकिट, प्रदर्शनी के टिकिट को बेचने का कार्य तो ठीक था लेकिन पिछले दो वर्षों से अपनी फाइनेंस कंपनी द्वारा दाल बेचने का जो कार्य दिया गया है, उससे शाखा में चूहों ने परेशान कर के रख दिया है। चूहों को प्रोटीनयुक्त दाल बहुत पसंद है, जिससे शाखा में दाल का स्टॉक ग्राहकों को बिना विक्रय किए हुए ही कम होता जाता है। दाल से सम्बंधित कार्य शाखा में कोई भी कर्मचारी करने को तैयार नहीं है, जिससे दाल मँगवाने से लेकर उसको बेचने का सारा कार्य मुझे अकेले ही करना पड़ता है। 

आदरणीय, मैं बहुत जुझारू प्रवृत्ति का व्यक्ति हूँ। लेकिन इस वर्ष क्रॉस सेल्लिंग के अंतर्गत सब्जियाँ बेचने का जो टारगेट्स मिला था, उसे हमारी शाखा पूर्ण नहीं कर पाई है। रामगढ़ में बिजली कटौती बहुत अधिक होती है, जिससे शाखा के एसी नहीं चल पाते है जिसकी वजह से सब्जियाँ ताज़ी नहीं रह पाती है। बहुत सारी सब्जियाँ खराब हो गई थीं। इसकी सूचना मैंने क्षेत्रीय कार्यालय और बीमा कंपनी को दे दी थी। वैसे मैं अपने घर पर कभी भी बाजार से किराने का सामान और सब्जी नहीं लाया। घर पर यह कार्य मेरे पिताजी ही करते हैं। सब्जियों का विक्रय नहीं करने की वजह से हमारी शाखा के क्रॉस सेल्लिंग के टारगेट्स पूर्ण नहीं हो पाए, इसके लिए तथा दाल और सब्जियों की उचित देखरेख नहीं करने हेतु क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मेरे से स्पष्टीकरण माँगा गया। स्पष्टीकरण सिर्फ 60 पृष्ठ का था, मैंने इस स्पष्टीकरण का जवाब 200 पृष्ठ में दिया।  

एक माह पूर्व तो हमारी फाइनेंस कंपनी के प्रधान कार्यालय ने क्रॉस सेल्लिंग बिज़नेस में सारी हदें पार करते हुए एक तुगलकी फरमान अर्थात परिपत्र जारी किया, जिसके अनुसार हमारी फाइनेंस कंपनी अब अपने ग्राहकों को हर तरह की सेवाएँ देगी जैसे ग्राहक की सम्पत्तियों का बीमा करवाना, ग्राहक के बच्चों का अच्छे स्कूल में एडमिशन करवाना, ग्राहक को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करवाना, ग्राहक का एलटीसी टूर या देश विदेश के टूर पैकेज की व्यवस्था करना, ग्राहक के सारे बिल्स सहित बच्चों की स्कूल फीस का भुगतान करना, ग्राहक के बच्चों की जन्म कुंडली बनवाना और बच्चों का नामकरण संस्कार करवाना, ग्राहक के बच्चों के जन्मदिन, उनके बेटों के मुंडन, जनेऊ, उनके बच्चों का रोखा, रिंग सेरेमनी, सगाई और शादी आयोजित करवाना और ग्राहक के बच्चों का और उनके पोते-पोतियों का जन्म अच्छे नर्सिंग होम में करवाना, बच्चों, पोते-पोतियों को होम ट्यूटर या अच्छे कोचिंग की व्यवस्था करवाना, ग्राहक के घर पर प्रतिदिन काम के लिए नौकर की व्यवस्था, ग्राहक के लिए समय-समय पर इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर की व्यवस्था, ग्राहक को कार्यस्थल पर पहुँचाने और वहाँ से वापस घर पहुँचाने की व्यवस्था, ग्राहक के घर किराना और सब्जी की व्यवस्था करवाना इत्यादि। ग्राहकों को क्रॉस सेल्लिंग के अंतर्गत एकल खिड़की व्यवस्था के तहत हर तरह की सेवाएँ हमारी फाइनेंस कंपनी देगी, इसका प्रचार-प्रसार हमारी कंपनी के आंचलिक कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा इतना अधिक कर दिया है कि शाखा के बाहर ग्राहकों की पाँच किलोमीटर लम्बी लाइन लगी है। वैसे मैं आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि हमारी शाखा में एक भी खिड़की नहीं है।

मेरी शादी तय हुए दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन क्षेत्रीय कार्यालय से अवकाश स्वीकृत नहीं होने की वजह से मेरी शादी नहीं हो सकी। मेरे बुद्धिमान और प्रतिभाशाली वरिष्ठ साथियों ने मुझे सलाह दी थी कि मुझे किसी रविवार के दिन का शुभ मुहूर्त निकलवा कर शादी कर लेना चाहिए। मेरा परिवार हजारीबाग रहता है। रामबाग से हजारीबाग की दूरी मात्र 50 किलोमीटर है। मैंने शादी के लिए रविवार को एक दिन के लिए मुख्यालय छोड़ने की अनुमति माँगी थी, वह भी मुझे नहीं मिली। लड़की वाले रामबाग आकर शादी करने को तैयार नहीं है। मैं पिछले पाँच वर्षों से इसी रामबाग शाखा में ही पदस्थ हूँ। मैंने मेरे स्थानांतरण के लिए भी आवेदन दिया था, परन्तु मेरे आवेदन पर किसी भी उच्च अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। 

शाखा के बाहर ग्राहकों की इतनी लम्बी लाइन देखकर मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। मेरा मानसिक संतुलन जरूर बिगड़ा है लेकिन मुझे आत्मज्ञान हो चुका है। मैं मेरे अन्य साथियों की तरह आत्महत्या नहीं करूँगा। मैं इतनी कम उम्र में फाइनेंस कंपनी, बैंक, किसी भी वित्तीय संस्था तो क्या मैं तो कई भी नौकरी करने लायक नहीं बचा हूँ। मैंने वीआरएस के लिए भी आवेदन दिया था, वह भी अभी तक लम्बित है। अत: मैं अपने पूरे होश-ओ-हवास में अपनी इस फाइनेंस कंपनी से त्यागपत्र दे रहा हूँ। मैं इस पत्र के साथ में मेरे त्यागपत्र की एक माह पूर्व आपको, आंचलिक प्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचना दे रहा हूँ। कृपया मेरा त्यागपत्र का आवेदन स्वीकृत कर मुझे अनुगृहीत करें। मेरे पूरे सेवाकाल में आपके यहाँ से जारी परिपत्रों, निर्देशों और आंचलिक कार्यालय तथा क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त आदेशों, फटकारों से निरंतर मार्गदर्शन मिला है उसके लिए सादर धन्यवाद।

भवदीय,
बंटी
शाखा प्रबंधक,
बेस्ट फाइनेंस कंपनी,
शाखा रामगढ़  
 

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'हैप्पी बर्थ डे'
|

"बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का …

60 साल का नौजवान
|

रामावतर और मैं लगभग एक ही उम्र के थे। मैंने…

 (ब)जट : यमला पगला दीवाना
|

प्रतिवर्ष संसद में आम बजट पेश किया जाता…

 एनजीओ का शौक़
|

इस समय दीन-दुनिया में एक शौक़ चल रहा है,…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी

पुस्तक समीक्षा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं