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अब उनका आना

हमारे मोहल्ले में अब उनका आना
किसी जिज्ञासा या फिर
किसी कोलाहल का कारण नहीं बनता

पहले जब वे आते थे बड़े शोर के साथ
उनकी गाड़ी के आसपास
लग जाती थी भीड़ मोहल्ले वालों की,
यहाँ तक कि
उनकी गाड़ियों के पीछे
दौड़ते भी थे हमारे मोहल्ले के बच्चे

मगर अब उनके इस आकर्षक जाल को
समझने लगे थे सब धीरे-धीरे 

और वे ये बात भूलते जा रहे थे कि
अति किसी भी मामले में
अच्छी नहीं होती।

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