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अरुण कुमार प्रसाद हाइकु - 3

1.
भरता ज्ञान। 
कथा, शिक्षाविदों सी।
दादियो उठो। 

2.
टूटे दरख़्त।
काट-कूट  बाँटने। 
आबादी जुटी। 

3.
संबल मेरा।  
धराशायी धड़ाम। 
कटे दरख़्त। 

4.
विलाप नहीं । 
बादल था रुआँसा। 
निहार नदी। 

5.
कृषक-आँखें। 
नभ में धँसी-आँखें। 
रो बौने मेघ?

6.
सत्र में मिले। 
मुद्दा सुलझाने को। 
भौंकने लगे।  

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