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बिल्ली-चूहा

बिल्ली दौड़ी-दौड़ी आई,
चूहा दौड़ा-दौड़ा आया।
चूहा देख बिल्ली इतराई,
होंठों पर जीभ फिराई।


बिल्ली देखकर चूहा काँपा,
इधर-उधर घबराकर भागा।
देखकर बिल्ली लगी हँसने,
चूहा देखकर लगा रोने।


चूहा बोला, मुझे न सताओ,
छोटा हूँ, मुझे न खाओ।
बिल्ली बोली, तुम हो सयाने,
पकड़े गए तो लगे समझाने।


बचकर अब कहाँ जाओगे,
भागोगे तो पकड़े जाओगे।
तुम करते हो बहुत शैतानी,
मैं हूँ देखो तुम्हारी नानी।


अब न तुमको छोड़ूँगी,
गर्दन यहीं मरोड़ूँगी।
करते हो तुम तंग मुझे,
खाऊँगी मैं आज तुझे।

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