अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

हिम कण

आज शिशिर ने नील गगन के 
कानों में इक बात कही
धीमे से बरसाना हिम कण
कुछ पल धरती सोई है

देख धरा की आँख उनींदी
मौन हुआ सारा संसार
पंछी भूले कलरव कूजन 
दूर कहीं जा किया विहार

मौन हुई अब चहुँ दिशाएँ
कोहरे में डूबा संसार
मौन खड़े अब तरुवर देखें
धरती का यह रजत श्रंगार

आज शिशिर ने डाली-डाली
हीरक माल पिरोयी है
धीमे से बरसेंगे हिमकण
धरा सिमट कर सोई है

कुछ दिन पहले ऋतुराज ने
सत रंग होली खेली थी
नदिया झरने कलियाँ तितली
सब की रंगी हथेली थी

और ग्रीष्म के ताप की पीड़ा
धीर धरा ने झेली थी
रिमझिम रिमझिम बरसा सावन
धूप छाँव की केलि थी
क्यों आया निर्मोही पतझड़
जाने क्या पहेली थी

आज धरा की अंखियों में
हर पल की याद संजोई है

धीमे से बरसेंगे हिमकण
धरा सिमट कर सोई है।

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

पुस्तक समीक्षा

कविता

सामाजिक आलेख

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं