अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

होली की हुल्लड़ियाँ - 2 पकबान


आज मगन मन हो गया, देख रसोई ठाट,
थाल भरे पूड़ी-कचौड़ी, ऐस्से, गुजियाँ, चाट,
ऐस्से, गुजियाँ, चाट, लार मुँह में भर आवे,
सूँघ रसोई गंध, मेरो मन अति ललचावे।
कहें ‘पवन’ कविराय, चैन मन को नहिं आबत,
कैसे मन समझाऊँ? कुलाँचे पेट लगाबत। 

थाल भर कर आ गया, जितने थे पकबान,
दोनों हाथों भर लिये, अच्छे सब सामान,
अच्छे सब सामान, कि खाकर पेट भर गया,
खट्टे-मीठे चाट संग फिर पानी पिया।
कहें ‘पवन’ कविराय, कि भगदड़ पेट में मच गयी,
उठने लगी डकार, बात कछु ज्यादा बढ़ गयी। 

अब होबै अति सम्मान, जो होली मिलने जाऊँ,
खाने के आग्रह को, कैसे मैं ठुकराऊँ,
गुड़-गुड़ होबै पेट, डकारन जी घबरावै,
चैन भयो बेचैन, हमारो पेट पिराबै।
कहें ‘पवन’ कविराय, कि रंग में भीगे-भीगे,
हो गई यारो शाम, मगर हम ढीले-ढीले। 

होली के रंग खेलि कें, ठण्डो भओ हुड़दंग,
ऐस्से, गुजियाँ खाय कें, पेट हो गया तंग,
पेट हो गया तंग, और गर्मी अति भारी,
नहीं मिलो पचबाला घर में, भई मुसीबत भारी।
कहें ‘पवन’ कविराय, रात में पाँच बार उठ भागे,
तहूँ न पायो चैन, सुबह कूँ उल्टी करिबे भागे।

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता

कविता-मुक्तक

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं