अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

कवि और कविता

तू कहाँ खो गयी कविता रानी?
पहले तो तू बड़े प्यार से 
भावों की राह चलाती थी
अलंकार से हो सज्जित
नित रूप नए दिखलाती थी
भावों में गहरे पैठाकर
रचनाएँ लिखवाती थी॥1॥


पर कैसी बही उलटी गंगा
समझ न सका तेरी माया?
तेरी प्रतीक्षा मुझे है प्रतिपल
दीखे नहीं तेरी छाया॥2॥


प्रिय कविते, तूने कवि बनाकर 
ख़ूब बनाया है मुझको,
यूँ  मंझधार में छोड़ दिया है,
दया न आती है तुझको?॥३॥


मेरे सारे मित्रों ने ही
पुस्तकें कई छपा डालीं,
उनकी बगिया है हरी–भरी,
पर मेरी है खाली–खाली॥४॥

आज सभा का कवि-सम्मलेन
निमंत्रण है मैंने पाया,
भाव प्रेरित तू कर हे देवी,
मन मेरा कोमल मुरझाया॥५॥


जीवन की आपाधापी में 
ध्यान नहीं आया तेरा,
आज समझ में आया मुझको 
निश्चय ही है दोष मेरा॥६॥


भविष्य में तेरा साथ निभाने 
समय अवश्य निकालूँगा,
दे दे दान बस एक कविता का
श्रेय तेरा ही मानूँगा॥७॥

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

व्यक्ति चित्र

हास्य-व्यंग्य कविता

स्मृति लेख

कविता

बच्चों के मुख से

पुस्तक समीक्षा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं