अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

मेरी कविता

सुरजीत पात्र 
मूल भाषा - पंजाबी, अनुवाद - निर्मल सिद्धू

 

मेरी माँ को मेरी कविता समझ न आई
भले मेरी माँ-बोली में लिखी हुई थी
वह तो केवल इतना समझी
पुत्र की रूह को दुख है कोई
पर इसका दुख मेरे होते
आया कहाँ से

 

ध्यान लगाकर देखी
मेरी अनपढ़ माँ ने मेरी कविता

 

देखो लोगो
कोख से जन्मे
माँ को छोड़कर
दुख कागज़ों को हैं बतलाते
मेरी माँ ने कागज़ उठा सीने से लगाया
क्या पता इस तरह ही
कुछ मेरे क़रीब हो जाये
मेरा जाया!

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

अजनबी औरत
|

सिंध की लेखिका- अतिया दाऊद  हिंदी अनुवाद…

अनुकरण
|

मूल कवि : उत्तम कांबळे डॉ. कोल्हारे दत्ता…

अपनी बेटी के नाम
|

सिंध की लेखिका- अतिया दाऊद  हिंदी अनुवाद…

अपने मठ की ओर
|

अपने मठ की ओर  (पंजाबी कविता) लेखक…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता

नज़्म

कविता - हाइकु

ग़ज़ल

गीत-नवगीत

अनूदित कविता

लघुकथा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं