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नूतन वर्ष

नए वर्ष का आगमन, शुभ मंगल सन्देश।
नया जोश उल्लासमय, अपना भारत देश।

 

कैलेंडर बदला मगर, नहीं बदलते लक्ष्य।
भारत का हर नागरिक, रहे अभय संरक्ष्य।

 

हर मुस्लिम गीता पढ़े, हिन्दू पढ़े क़ुरान।
धर्म द्वंद्व पीछे हटें, आगे हो ईमान।

 

चाहे जैसा भी गया, पिछले वाला साल।
आने वाले वर्ष में, सब घर हों ख़ुशहाल।

 

नए वर्ष का आगमन, गाएँ मंगल गीत।
ऊँच नीच को त्याग कर, मानवता से प्रीत।

 

भूखे को रोटी मिले, प्यासे तन को नीर।
नए वर्ष में प्रभु हरें,  सबके मन की पीर।

 

कष्ट मुक्त बचपन रहे, रहे जवानी जोश।
नए वर्ष में हम सभी, क़ायम रक्खें होश।

 

वृद्धों की सेवा करें, नारी का सम्मान।
नए वर्ष में हम कहें, भारत देश महान।

 

नए लक्ष्य हैं सामने, खड़ीं चुनौती ढेर।
लक्ष्य प्राप्त करके रहें, हम भारत के शेर।

 

शिक्षा ज्ञान प्रकाश का, दीप जले चहुँओर।
नूतन नवल विमर्श में, नए वर्ष की भोर।

 

कभी चुभी हो हृदय में, मेरी वाणी शूल।
नवल वर्ष उपलक्ष्य में, क्षमा करो सब भूल।  

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