अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

फिर भी मैं पराई हूँ 

माँ का आँचल, पिता का प्यार,
भाई बहन को छोड़ के आई।
कितने अरमानों को लेकर,
पिया घर मैं ब्याह कर आई॥


मन हर्षित, इक नई उमंग,
जीवन की ख़ुशियाँ सजाने आई।
जीवन साथी संग नई तरंगें,
ख़्वाबों की होगी नई अँगड़ाई॥


तन मन से मैं अर्पित रहती, 
मायके का मोह मैं तज आई,
सास ससुर प्रियतम की सेवा,
फिर भी मैं हूँ कितनी पराई॥


पिता, पति व बेटे के नाम से ही,
जीवन भर मैं जानी जाऊँ।
अंतिम सांसों तक रहूँ समर्पित,
फिर भी मैं पराई कहलाऊँ॥


माँ, बहन, बेटी, बहु, बुआ,
दादी नानी न कितने मेरे रूप।
हर रूप में मैं ख़ुशियाँ ही चाहूँ,
सावित्री,दुर्गा,सीता का हूँ स्वरूप॥


इंदिरा,सुचेता, कल्पना, लता,
साइना, सिंधू बन उड़ान भरती हूँ।
घर, समाज,राष्ट्र की सेवा में जीवन,
फिर भी मैं पराई कहलाती हूँ॥

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता

लघुकथा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं