अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

समय और मेरे बीच

मैं उसकी हथेलियाँ थामकर
चला करती थी
लेकिन धीरे-धीरे उसकी गिरफ़्त 
मज़बूत होती गई
और मेरी ढीली।


यह एक तकाज़ा था
या एक समझौता 
समय और मेरे बीच।


धरती और चन्द्रमा
अपनी रफ़्तार से घूमते रहे,
अपनी- अपनी सीमाओं में ।
सूर्य चमकता रहा,
समय भागता रहा
और मेरी हथेलियाँ
शिथिल होती गईं।


पूर्वजों के लगाए पेड़ की एक शाखा थी,
जिसने और शाखाओं को जन्म दिया
और फिर
उन पर लिपटी लताओं ने मुझे थाम लिया।


अब मेरी शिथिल होती हथेलियों को 
मेरी बेटी की मज़बूत हथेलियाँ 
थामती हैं;
जिन्हें कभी मैं थामा करती थी
मुझे कोई अफ़सोस नहीं कि
मैं चल नहीं सकती ; क्योंकि 
मैं अब अपनी बेटी के पाँव से चलती हूँ
कभी मैं उसकी हथेलियाँ थामकर चलती थी
अब वह मेरी हथेलियाँ थामकर चलती है।

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कहानी

कविता

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं