अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

शाम : एक सवाल

अँधेरे में सूनी सी सड़कों पर बीती,
भूली और भटकती सी शाम।
कभी गुमनुमा सी, और रौशन कभी,
कभी दीये कि भाँति चमकती है शाम॥

 

रूठे,  मनाये, हँसे, खिलखिलाये,
हृदय को आराम देती है शाम।
हर्षित करे जो कभी मेरे मन को,
वो रातरानी सी खिलती है शाम॥


नयनों में पानी को थामे खड़ी हो,
देखूँ! कभी वो सँभलती सी शाम।
अगर खो जायें पन्ने, ज़िन्दगी की किताब से,
डुबोकर क़लम, कुछ लिखती है शाम॥


यादों की अपनी गठरी बनाकर,
अधूरे ख़यालों में बीती वो शाम,
हृदय में पीड़ा देकर मुझे,
कभी रोती और बिलखती है शाम॥


छीन लेती अगर, कभी मेरी ख़ुशियाँ,
अनजानी राहों से गुज़रती वो शाम।
मिल जाये अगर कोई हम सा,
मैख़ाने में बहती, छलकती है शाम॥


सीने में दबाये बैठा हूँ कब से,
ना जाने कैसे? ये गुज़री है शाम।
कैसे कहूँ? अपने क़िस्से किसी से,
क्यों? हर दिन नया मोड़ लेती हैं शाम॥

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

नवगीत

कविता

नज़्म

कहानी

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं