अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

ज़िन्दगी

दौड़ रही है नंगे पाँव चिलचिलाती धूप में,
मुद्दत से प्यासी है कोई साया नहीं मिला।
ख़ुशियाँ जो मिली सब बेगानी हो गई,
दर्द सब अपने थे कोई पराया नहीं मिला,

 

महफ़िले साक़ी का सजदा न किया अब तक, 
और मौत की गलियों की तैयारी हो गई,
नाबालिग, नासमझ है ख़्वाहिशें कई दिल में,
और ज़िन्दगी तू अरमानों की हत्यारी हो गई।

 

देगी कभी तोहफ़ा बेशुमार ख़ुशियों का,
या तेरे दर्द का इम्तेहान बाक़ी है,
कर दे मेरी तमन्नाओं को नेस्तनाबूद,
मिटा दे उम्मीदों का जो हर निशान बाक़ी है।

 

एक दिन नाम अपना भी रोशन होगा ज़माने में,
या उम्र यूँ ही गुज़र जायगी दो रोटी कमाने में।
होगी बादशाहत हमारी हर दर पे सलाम होगा,
या साँसों का सिलसिला यूँ ही तमाम होगा।

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

1984 का पंजाब
|

शाम ढले अक्सर ज़ुल्म के साये को छत से उतरते…

 हम उठे तो जग उठा
|

हम उठे तो जग उठा, सो गए तो रात है, लगता…

अच्छा है तुम चाँद सितारों में नहीं
|

अच्छा है तुम चाँद सितारों में नहीं, अच्छा…

अब हमने हैं खोजी नयी ये वफ़ायें
|

अब हमने हैं खोजी  नयी ये वफ़ायें माँगनी…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

नज़्म

कविता

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं