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सुमित दहिया

16 सितंबर 1988 को एक साधारण  परिवार में फरीदाबाद में जन्म। शुरुआती शिक्षा हरियाणा के सिरसा और सोनीपत में, आगे की पढ़ाई रोहतक, मेरठ और दिल्ली में सम्पन्न हुई। पाँच किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसमे दो ग़ज़ल संग्रह ("इल्तिज़ा, ख़ुशनुमा वीरानगी") और तीन कविता संग्रह ("मिलन का इंतजार, खंडित मानव की कब्रगाह", "आवाज़ के स्टेशन") सफलतापूर्वक प्रकाशित हो चुके है। साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में समय, समय पर रचनाएँ भी प्रकाशित होती रहती हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में एक दर्जन से अधिक लेख विभिन्न विषयों पर प्रकाशित हो चुके है। इसके अलावा अधिवक्ता के रूप में कार्य, निजी संस्थाओं में अध्यापन कार्य, सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में युवाओं, किसानों और छात्र आंदोलनों में प्रमुखता से भागीदारी की है। साहित्यिक गतिविधियों में अनेक मुशायरों में काव्य पाठ और कवि सम्मेलनों का सह-आयोजन किया है। लगभग सम्पूर्ण भारत और चंद दूसरे देशों मे भी धार्मिक और साहित्यिक यात्राएँ की हैं। अभी एक उपन्यास और एक काव्य संग्रह पर काम जारी है।

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