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नागेन्द्र दत्त वर्मा

जन्म : गोरखपुर (उ.प्र)
शिक्षा : प्रारम्भिक गोरखपुर में, इलाहाबाद से एम.ए. (इतिहास)
साहित्य सृजन : साहित्यिक अभिरुचि उन्हें अपने पिता प्रो. सत्यचरण शास्त्री जी से विरासत में मिली जो कि साठ के दशक में ब्रिटिश वेस्ट इंडीज़ में भारत के राजदूत थे। बाद में उन्हें नेहरू जी ने राज्य सभा में मनोनीत किया।
नागेन्द्र जी की कविताएँ और आलेख हिन्दी और अँग्रेज़ी के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
उनकी पुस्तक “देवभूमि” में भारत के तीर्थस्थलों (हरिद्वार से बद्रीनाथ तक) की प्राकृतिक सुन्दरता और उनकी महत्ता का चित्रण करती हुई; नागेन्द्र जी की काव्य प्रतिभा का परिचय देती है।
संप्रति : ज्वाइंट डाइरेक्टर टूरिज़म से सेवानिवृत्त। अब लखनऊ में निवास

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