ISSN 2292-9754
पूर्व समीक्षित
वर्ष: 22, अंक 294, अप्रैल प्रथम अंक, 2026
संपादकीय
ऊर्जा और प्रेरणा
सुमन कुमार घईप्रिय मित्रो, ३१ मार्च दोपहर के समय भारत से कैनेडा लौट आया। यह लम्बी यात्रा थी—६ फरवरी से ३१ मार्च तक। मूलतः यात्रा सुखद रही। बहुत से ऐसे मित्रों से साक्षात् मिलना अच्छा लगा जिनसे अभी तक केवल ई-मेल या व्हाट्स ऐप के माध्यम से ही सम्पर्क में था। अनुभवों की एक ऐसी अमूल्य सम्पदा के साथ लौटा हूँ, जिसके सम्पूर्ण प्रभाव को समझने और आत्मसात करने में समय लगेगा। भारत में हिन्दी के प्रति अनुराग और सकारात्मक ऊर्जस्विता ने मनोबल को बढ़ाया। इन अनुभवों के विषय में कभी बाद में लिखूँगा अभी तो धरातल की सच्चाई को ही जीना होगा और अपने स्वर्जित दायित्व को वहन...
साहित्य कुञ्ज के इस अंक में
कहानियाँ
गप्पू बंदर की वैज्ञानिक जिज्ञासा: गुरुत्वाकर्षण की खोज
किशोर साहित्य कहानी | स्नेहा सिंहजंगल में एक दिन बड़ा ही रोचक कार्यक्रम…
हास्य/व्यंग्य
अक्षय कुमार—बोतल का बादशाह, कंगना—सिलेंडर क्वीन
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंह“सरजी . . . सरजी . . . एक सुपरहिट…
अव्यवस्था: जो कभी नहीं बदलती, इसलिए सबसे भरोसेमंद है
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | आरके जैन ‘अरिजीत’[दिन नहीं बदलते, बस मुश्किलों के चेहरे बदलते…
चलो बुलावा आया है . . . दिल्ली ने बुलाया है!
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | मुकेश गर्ग ‘असीमित’नेता हो, लेखक हो या कलाकार—सबकी निगाहें…
राजा सिंह की काम करने की पद्धति: ‘सिस्टम न बदलो, नाम बदलो।’
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंह. जंगल में राजा सिंह ने नाम बदलने की भव्य…
समाधि की नई विधि—स्क्रीन पर झुकी हुई गर्दन
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | आरके जैन ‘अरिजीत’[नोटिफिकेशन का युग: जहाँ प्रतिक्रिया…
आलेख
1857 की क्रांति की अनसुनी आवाजः वीरांगना अवंतीबाई लोधी
ऐतिहासिक | ब्रह्मानंद राजपूत(वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी के…
नव संवत्सर: कालचक्र का नवोदय और चेतना का पुनर्जागरण
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्माजब प्रकृति अपने नूतन शृंगार में मुस्कुराती…
पुष्पा मेहरा के हाइकु
साहित्यिक आलेख | तुकाराम पुंडलिक खिल्लारेप्रस्तुत है पुष्पा मेहरा जी के हाइकु।…
बी. एल. गौड़ के उपन्यास ‘अक्सर लौटना नहीं होता’ में अभिव्यक्त विविध सांस्कृतिक आयाम
शोध निबन्ध | शैलेश शुक्लाडॉ. शैलेश शुक्ला वैश्विक समूह संपादक…
भाषा का उद्भव और विकास: मानवीय चेतना की अभिव्यक्ति
साहित्यिक आलेख | सुशील कुमार शर्माभाषा केवल ध्वनियों का समूह नहीं,…
राम-राष्ट्र की जीवनधारा और शाश्वत चेतना का प्रवाह
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्मा(राम नवमी पर आलेख) जब भारतीय…
रामकथा का उद्भव और विकास: एक वस्तुगत ऐतिहासिक विश्लेषण
ऐतिहासिक | शैलेन्द्र चौहानभारतीय सांस्कृतिक परंपरा में वाल्मीकि…
शब्द-साधना के साधक: नंदीलाल ‘निराश’
साहित्यिक आलेख | अमरेश सिंह भदौरियाहिंदी साहित्य की समृद्ध और बहुरंगी…
शैलेन्द्र चौहान की कविताएँ: समकालीन यथार्थ और जनपक्षधर काव्य-दृष्टि
साहित्यिक आलेख | शिखर जैनसमकालीन हिंदी कविता का परिदृश्य अनेक…
समकालीन भारतीय साहित्य में प्रो. मीन केतन प्रधान के ‘पिता’ की सार्वभौमिकता
साहित्यिक आलेख | दिनेश कुमार मालीप्रोफ़ेसर मीनकेतन प्रधान का नाम हिन्दी…
हिंदी में प्रयोगवाद और अज्ञेय
साहित्यिक आलेख | अमरेश सिंह भदौरियाहिंदी साहित्य के आधुनिक इतिहास में…
समीक्षा
और कितना संघर्ष
पुस्तक चर्चा | ज्योत्स्ना प्रवाहमन्नू की वह एक रात प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा लिखा गया एक मनोवैज्ञानिक और…
खुरदुरे यथार्थ को बयाँ करता संग्रह ‘आईने से पूछो’
पुस्तक समीक्षा | अनिरुद्ध सिन्हापुस्तक का नाम: आईने से पूछो ग़ज़लकार: डॉ. अविनाश भारती प्रकाशक: श्वेतवर्णा…
अन्य
फाग और लोक संस्कृति की तान से गूँजा शिवना साहित्य समागम
कार्यक्रम रिपोर्ट | आकाश माथुरशब्दों का कुंभ: सीहोर में शिवना साहित्य…
कविताएँ
कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - पेट्रोल एवं गैस की कमी
कविता-मुक्तक | सुशील कुमार शर्मा1 ईंधन पंपों पर लगी, भीड़ अचानक आज। …
वॉर पॉल्यूशन: युद्ध की राख में जलती पृथ्वी
कविता | वीरेन्द्र बहादुर सिंहजब भी कोई युद्ध छिड़ता है, …
शायरी
जुदा भी हों तो किसी से कोई ख़फ़ा न लगे
ग़ज़ल | सत्यवान साहब गाज़ीपुरीमुज्तस मुसम्मन मख़बून महज़ूफ़ मुफ़ाइलुन…
है मुहब्बत गर तुम्हें, दिल से निभा सकता हूँ मैं
ग़ज़ल | सुशीला श्रीवास्तवरमल मुसम्मन महज़ूफ़ फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन…
कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा
उसका क्या
अमिताभ वर्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। उच्चारण से ’क्या’ शब्द के कितने भाव प्रस्तुत हुए—सुनें—उन्हीं…
विडिओ देखेंइस अंक की पुस्तकें
दिल से ग़ज़ल तक
ग़ज़ल
2. दिल से ग़ज़ल तकः एक…
3. एक ख़ुशगवार सफ़र-दिल से…
4. दिल से ग़ज़ल तक अज़, देवी…
5. मेरी ओर से—दिल से ग़ज़ल…
6. 1. सफ़र तय किया यारो…
7. 2. सागर के तट पे आते…
8. 3. सुन सको तो सुन लो…
9. 4. न जाने क्यों हुई…
10. 5. ज़िन्दगी करना बसर…
11. 6. ग़लत फ़हमी की ईंट छोटी…
12. 7. माफ़ कैसे गुनह हुआ…
13. 8. इल्म होगा उसको फिर…
14. 9. हमसफ़र बिन है सफ़र…
15. 10. ग़म कतारों में खड़े…
16. 11. कहाँ हैं गए सारे…
17. 12. रौशनी की ये नदी…
18. 13. मिट्टी को देके रूप…
19. 14. राज़ की है बात जो…
20. 15. तेरे दर पर टिकी…
21. 16 . शमअ पर वो था जला…
22. 17. ये हमराज़ को उसने…
23. 18. बेवफ़ा से मुलाक़ात…
24. 19. कल जली जो ग़रीबों…
25. 20. वो है रहता ख़फ़ा…
26. 21. होगा विश्वास उन…
27. 22. भीड़ में वो सदा…
28. 23. है ये अनजान सा सफ़र…
29. 24. शायरी इक इबादत है
30. 25. हिफाज़त में हैं…
31. 26. फिर तो सब राज़ होंगे…
32. 27. तेरे मेरे बीच वो…
33. 29. कैसी ख़बरें हैं ये,…
34. 30. बादशाहत है कहीं…
35. 31. क्या करता है तेरी…
36. 32. कहीं सर किसी का…
37. 33. शोर में भी ख़फ़ा…
38. 34. होती बेबस है ग़रीबी…
39. 35. उसे ले आई जो शक्ति,…
40. 36. नया रंग हो नया ढंग…
41. 37. ईंट-गारा हर तरफ़…
42. 38. जब भी बँटवारे की…
43. 39. क्यों बात को बढ़ा…
44. 40. हैवानियत के सामने…
45. 41. साँसें जो ज़िन्दगी…
46. 42. बने बेवफ़ा राज़दाँ…
47. 43. ख़ुदी आस्माँ को लगी…
48. 45. लिखी बात दिल की…
49. 46. जीत पाने की वजह…
50. 47. चमकती है बिजली यूँ…
51. 48. इश्क में जब वो किसी…
52. 49. वह किसी का भी क़र्ज़दार…
53. 50. लिखा जो तुमने क़लाम…
54. 51. क्या ऐसा कोई किताब…
55. 52. वहीं पे आता उबाल…
56. 53. थरथराया रात भर तेरा…
57. 54. हो न बस में तेरे…
58. 55. तू न था कोई और था…
59. 56. ख़ाली दिल का मकान…
60. 57. इन चरागों को जलना…
61. 58. शीशे के घर में जो…
62. 59. अनकही जो बात दिल…
63. 60. शिल्पी ने तराशी…
64. 61. मिट्टी को देके रूप…
65. 62. कोई बैठा मुझमें…
66. 63. काश उसका भी अपना…
67. 64. नये रंग निस दिन…
69. 66. उजालों की बारात…
70. 67. बारहा उसके घर गया…
71. 68. मुँह के बल फिर…
72. 69. अँधेरी सी गली में…
73. 70. अपनों की दोस्ती…
74. 71. मुस्कुराहट मेरी…
75. 72. बाग़ में उनका तो…
76. 73. आईना है दिखा रहा…
77. 74. एक तुम हो एक मैं…
78. 75. नये साल का है आना…
79. 76. ज़रा पत्थरो ध्यान…
80. 77. मुंतशिर हो ज़ेहन…
81. 78. साँस का ईंधन जलाकर…
82. 79. मेरी नब्ज़ छू के…
83. 80. लगती है मन को अच्छी,…
84. 81. दिल से दिल तक जुड़ी…
85. 82. अनबुझी प्यास रूह…
86. 83. की शायरी भी हमने…
87. 84. दर्द की तानें उड़ायेगी…
88. 85. सिमटती जो जाएगी…
89. 86. जब भी बढ़ता है ग़म…
90. 87. क्या जाने मैंने…
91. 88. ये शाइरी क्या चीज़…
92. 89. है बाग़ बाग़ मिरा…
93. 90. मेरे वतन की ख़ुश्बू
क्रमशः
इस अंक के लेखक
डॉ. आरती स्मित (विशेषांक संपादक)
इक्कीसवीं सदी वैश्विक स्तर पर बहुआयामी बदलाव एवं विकास की जननी के रूप में हमारे सम्मुख आई। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जो अद्भुत क्रांति आई, उसने जीवन की गति तेज़ कर दी। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट फ़ोन, आइ फ़ोन, सोशल मीडिया के कई विकल्पों सहित गूगल और चैट जीपीटी ने विश्व के आम जन को विश्व.. आगे पढ़ें
समाचार
साहित्य जगत - विदेश
विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम
“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी…
ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान 2025
मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग…
यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह
दिनांक: 26 अप्रैल 2025 स्थान: यॉर्क,…
साहित्य जगत - भारत
डॉ. रमा द्विवेदी कृत ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दीये’ काव्य संग्रह लोकार्पित
युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत…
डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ लोकार्पण
दिल्ली। 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित…
गाहलियाँ विद्यालय के छात्राओं ने आर्ट्स पेंटिंग से चमकाया विद्यालय
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, राजकीय उत्कृष्ट…