ISSN 2292-9754
पूर्व समीक्षित
वर्ष: 22, अंक 298, जून प्रथम अंक, 2026
संपादकीय
प्रमाणित इतिहास पर आधारित साहित्य की क्या शक्ति है?
सुमन कुमार घईप्रिय मित्रो, अंक प्रकाशन में एक-दो दिन का विलम्ब हुआ, इसका खेद है। जैसा कि आपको याद होगा कि पिछले महीने में मैंने इतिहास से सम्बन्धित साहित्य के विषय पर सम्पादकीय लिखा था और इसके बाद एक उत्साहपूर्ण जीवंत चर्चा आरम्भ हुई थी, जो दो-तीन दिन चलती रही। इस सम्पादकीय में भी उसी विषय को लेकर अपनी बात को आगे बढ़ा रहा हूँ। साहित्य कुञ्ज के व्हाट्स ऐप समूह में आप सभी ने दिनेश माली जी की पोस्ट देखी होगी। दिनेश जी की पोस्ट में प्रकाशित समाचार का शीर्षक है “शहीद बिका नाएक का ऐतिहासिक सम्मान: दिनेश कुमार माली के उपन्यास ने दिलाई नई पहचान”। यह उपन्यास...
साहित्य कुञ्ज के इस अंक में
कहानियाँ
हास्य/व्यंग्य
किफ़ायत के आदेशः भाषण छोटे किए जाएँगे, ठेलों में ही रोड शो
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहपार्टी ने आदेश किया, “टॉप-टू-बॉटम…
कॉकरोच जनता पार्टी और सहमा कॉकरोच
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | सुशील कुमार शर्माभारतीय लोकतंत्र सचमुच एक अद्भुत प्रयोगशाला…
जंगल की राजनीति में हाशिए पर धकेले गए कॉकरोच समाज की राजनीतिक अहमियत साबित करने की कोशिश
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहसिंह, भालू, तेंदुए, बाघ आदि अपनी…
जंगल को सिद्धि के शिखरों तक पहुँचाने के लिए राजा शेर की अद्भुत बचत योजना
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंह.राजा शेर ने वीडियो में अपील की, “मेरे…
जंगल में सर्वाधिक कमाई करने वाले मंत्री हाथी हरखपदूड़ा का भाषण
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहमहाराजा सिंह की सरकार में परिवहन…
पति कल्याण योजना
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | जयचन्द प्रजापति ‘जय’सोने की कम ख़रीददारी करने का आह्वान…
हमारी नेशनल टॉफ़ी कौन-सी-लॉलीपॉप या रेवड़ी?
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहपार्टी कार्यालय में पुराने सुनहरे…
आलेख
कृत्रिम मेधा और भारत की भाषाई संप्रभुता के विविध आयाम
तकनीकी | शैलेश शुक्लामानव सभ्यता एक ऐसे दौर में प्रवेश…
गंभीर लोगों के जीवन का मंत्र—हँसना मना है
काम की बात | वीरेन्द्र बहादुर सिंहजो व्यक्ति रोज़ कुछ नया नहीं सोचता,…
प्रवासी कथेतर साहित्य नए समय और नई ज़मीन का विश्वसनीय दस्तावेज़ है
साहित्यिक आलेख | शैलजा सक्सेनासाहित्य अकादमी के माध्यम से स्वर्गीय…
हिंदी पत्रकारिता में महिलाएँ: 200 साल बाद भी अधूरी यात्रा
साहित्यिक आलेख | शैलेश शुक्लाजब 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल…
समीक्षा
ग्लोबल साउथ की आवाज़ों का साहित्यिक दस्तावेज़: काली स्याही सूर्य शब्द
पुस्तक समीक्षा | प्रवीण प्रणवसमीक्षित पुस्तक: काली स्याही सूर्य शब्द लेखक: अवधेश कुमार सिन्हा…
जब तक ज़िन्दा हैं: लोकरुचि और सहज ग्राम्य-संवेदना की कहानियाँ
पुस्तक समीक्षा | राजेन्द्र वर्मासमीक्षित पुस्तक: जब तक ज़िन्दा हैं (कहानी संग्रह) लेखक: कुँवर दिनेश सिंह…
वर्तमान को दर्शाते हुए खरी-खरी कह जाने वाला दस्तावेज़—‘साहित्य की गुमटी’
पुस्तक समीक्षा | अतुल्य खरेसमीक्षित पुस्तक: साहित्य की गुमटी (व्यंग्य संकलन) लेखक: धर्मपाल…
समकालीन जीवन की नब्ज़ पर उँगली रखती लघुकथाएँ—पूजा अग्निहोत्री
पुस्तक समीक्षा | पूजा अग्निहोत्रीपुस्तक: अपेक्षित मौन और अन्य लघुकथाएँ लेखक: सन्दीप तोमर विधा: लघुकथा प्रकाशन:…
संस्मरण
ढाई दशक का अनुराग: आत्मीय सह-अस्तित्व के पच्चीस बरस
व्यक्ति चित्र | सुशील कुमार शर्मा(विशेष आलेख-सुशील शर्मा) समय…
शब्दों को इंसानी रूह की धड़कन बना दिया बशीर साहब ने
व्यक्ति चित्र | संदीप सृजनस्मृति शेष- डॉ. बशीर बद्र: उर्दू अदब का…
साक्षात्कार
साहित्य के बहुरंगी हस्ताक्षर, संजीव जयसवाल ‘संजय’ से एक संवाद
बात-चीत | ऋतु शर्मासमकालीन हिंदी साहित्य के व्यापक आकाश में…
कविताएँ
सभ्यता डूब रही है
कविता | बबिता कुमावत…
शायरी
तुम्हीं से प्यार करती हूँ, ज़माने तक ख़बर जाये
ग़ज़ल | सुशीला श्रीवास्तवमुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन …
कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा
उसका क्या
अमिताभ वर्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। उच्चारण से ’क्या’ शब्द के कितने भाव प्रस्तुत हुए—सुनें—उन्हीं…
विडिओ देखेंइस अंक की पुस्तकें
हलधर नाग के लोक-साहित्य पर विमर्श
साहित्यिक परिचर्चा
1. संदेश
2. हलधर नाग की सर्जना पर…
4. ‘हलधर नाग का काव्य-संसार’…
5. कालिया से पद्मश्री हलधर…
6. युग-पुरुष पद्मश्री हलधर…
7. कवि हलधर नाग-भारतीय…
8. हलधर का काव्य-चातुर्य
9. ‘रसिया कवि’ पर पाठकीय…
10. चर्चा में हलधर-साहित्य:…
11. माटी व मनुष्यता की अनूठी…
12. हलधर नाग के ‘अछिया’…
क्रमशः
इस अंक के लेखक
डॉ. आरती स्मित (विशेषांक संपादक)
इक्कीसवीं सदी वैश्विक स्तर पर बहुआयामी बदलाव एवं विकास की जननी के रूप में हमारे सम्मुख आई। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जो अद्भुत क्रांति आई, उसने जीवन की गति तेज़ कर दी। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट फ़ोन, आइ फ़ोन, सोशल मीडिया के कई विकल्पों सहित गूगल और चैट जीपीटी ने विश्व के आम जन को विश्व.. आगे पढ़ें
समाचार
साहित्य जगत - विदेश
विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम
“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी…
ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान 2025
मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग…
यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह
दिनांक: 26 अप्रैल 2025 स्थान: यॉर्क,…
साहित्य जगत - भारत
व्यंग्य की धार और सामाजिक सरोकारों से सजी भोजपाल साहित्य संस्थान की मासिक गोष्ठी
भोपाल। भोजपाल साहित्य संस्थान…
डॉ. रमा द्विवेदी कृत ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दीये’ काव्य संग्रह लोकार्पित
युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत…
डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ लोकार्पण
दिल्ली। 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित…
साहित्य जगत - भारत
डाॅ. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी के कविता संग्रह ‘कवि के मन से’ का लोकार्पण समारोह
दिनांक 30 अप्रैल 2026 को साहित्य…
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा की कृति ‘उगता सूर्य’ का हुआ विमोचन
शाहगंज (आगरा)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक…
डॉ. देवेंद्र शर्मा का काव्य संग्रह ‘अनुभव के आखर’ लोकार्पित
हैदराबाद, 15 दिसंबर, 2025— …