ISSN 2292-9754
पूर्व समीक्षित
वर्ष: 22, अंक 297, मई द्वितीय अंक, 2026
संपादकीय
एक ईमानदार सामीक्षक होना
सुमन कुमार घईप्रिय मित्रो, सम्पादकीय के विषय पर आने से पहले मैं एक शोक समाचार आपको देना चाहता हूँ। कैनेडा से प्रकाशित होने वाली त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हिन्दी चेतना’ के संस्थापक, प्रकाशक और सम्पादक श्री श्याम त्रिपाठी जी नहीं रहे। यद्यपि वह अँग्रेज़ी के अध्यापक रहे परन्तु हिन्दी के प्रति उनका प्रेम और प्रतिबद्धता का साक्षात प्रमाण ‘हिन्दी चेतना’ का निरन्तर प्रकाशन है। मेरा त्रिपाठी से परिचय ‘हिन्दी साहित्य सभा’ के एक वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर हुआ और उसके दो-तीन सप्ताह के बाद ही मैं ’हिन्दी चेतना’ के प्रकाशन में उनका सहायक और सह-सम्पादक का कार्यभार सम्भालने लगा। लगभग पाँच वर्ष तक मैं हिन्दी चेतना में सक्रिय रहा।...
साहित्य कुञ्ज के इस अंक में
कहानियाँ
हास्य/व्यंग्य
आनंदो . . . आनंदो, एल नीनो आ रहा है
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहसरकारी दफ़्तर में एक अधिकारी लड्डू…
पिक्चर परिवर्तन पार्टी
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहफ़िल्म के सेट पर दो-चार एक्स्ट्रा…
बंगाल चुनाव में हिंसा टालिए: ट्रम्प की शान्ति अपील
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहबंगाल में चुनाव घोषित होते ही ट्रम्प…
बिल्लो रानी कहो तो जान दे दूँ
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | जयचन्द प्रजापति ‘जय’बिल्लो रानी को एक मज़बूत प्रेमी की आश्यकता…
लाइफ़ की क़ीमत जैकेट से भी कम है
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | सुदर्शन कुमार सोनीबरगी डैम की लहरों ने इस बार पानी…
वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट्स
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | अनिकेत सिंहआजकल अगर कोई संस्थान सबसे जल्दी…
शान्तिप्रिय साहित्यकारों का ठंडे दिल से युद्ध चिंतन
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहजिसने अकादमी-परिषद का युद्ध देख लिया,…
हम ही हैं राष्ट्र, हमसे ही है राष्ट्र
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | शैलेश शुक्लामैं बचपन से ही राष्ट्रसेवा करना चाहता…
आलेख
नृसिंह का प्राकट्य अन्याय के विरुद्ध उद्घोष
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्मा(नृसिंह जयंती पर विशेष आलेख—सुशील…
विवाह के समय दुलहन के हाथों में शोभता ‘चूड़ा’
सांस्कृतिक आलेख | स्नेहा सिंहमेहँदी से रँगे नववधू के हाथों में…
समीक्षा
एक बंदिनी का अपराध और प्रेम से द्वंद्व: ‘कारागार’
पुस्तक समीक्षा | आकाँक्षा सक्सेनाउपन्यास: कारागार लेखिका: डॉ. आरती ‘लोकेश’ मूल्य: ₹ 230.00…
अन्य
कविताएँ
कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - माँ
कविता-मुक्तक | सुशील कुमार शर्मा1 माँ की ममता दिव्य है, शीतल मधुर…
शायरी
बन के माँझी कोई पतवार लिए बैठा है
ग़ज़ल | सत्यवान साहब गाज़ीपुरीफ़ाएलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन 2122 …
कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा
उसका क्या
अमिताभ वर्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। उच्चारण से ’क्या’ शब्द के कितने भाव प्रस्तुत हुए—सुनें—उन्हीं…
विडिओ देखेंइस अंक की पुस्तकें
हलधर नाग के लोक-साहित्य पर विमर्श
साहित्यिक परिचर्चा
1. संदेश
2. हलधर नाग की सर्जना पर…
4. ‘हलधर नाग का काव्य-संसार’…
5. कालिया से पद्मश्री हलधर…
6. युग-पुरुष पद्मश्री हलधर…
7. कवि हलधर नाग-भारतीय…
8. हलधर का काव्य-चातुर्य
9. ‘रसिया कवि’ पर पाठकीय…
10. चर्चा में हलधर-साहित्य:…
11. माटी व मनुष्यता की अनूठी…
क्रमशः
इस अंक के लेखक
डॉ. आरती स्मित (विशेषांक संपादक)
इक्कीसवीं सदी वैश्विक स्तर पर बहुआयामी बदलाव एवं विकास की जननी के रूप में हमारे सम्मुख आई। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जो अद्भुत क्रांति आई, उसने जीवन की गति तेज़ कर दी। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट फ़ोन, आइ फ़ोन, सोशल मीडिया के कई विकल्पों सहित गूगल और चैट जीपीटी ने विश्व के आम जन को विश्व.. आगे पढ़ें
समाचार
साहित्य जगत - विदेश
विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम
“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी…
ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान 2025
मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग…
यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह
दिनांक: 26 अप्रैल 2025 स्थान: यॉर्क,…
साहित्य जगत - भारत
डॉ. रमा द्विवेदी कृत ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दीये’ काव्य संग्रह लोकार्पित
युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत…
डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ लोकार्पण
दिल्ली। 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित…
गाहलियाँ विद्यालय के छात्राओं ने आर्ट्स पेंटिंग से चमकाया विद्यालय
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, राजकीय उत्कृष्ट…