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सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा यात्रा वृत्तांत डायरी रेखाचित्र बच्चों के मुख से बड़ों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य लघुकथा बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

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समीक्षा

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ISSN 2292-9754

पूर्व समीक्षित
वर्ष: 22, अंक 295, अप्रैल द्वितीय अंक, 2026

संपादकीय

नीली घाटी की भीगी नीली आँखें
सुमन कुमार घई

  प्रिय मित्रो,    भारत से लौटे दो सप्ताह हो चुके हैं परन्तु भारत का रस अभी भी मन पर छाया हुआ है। 31 मार्च को कैनेडा पहुँचने के पश्चात 12 अप्रैल को न्यू जर्सी (यू.एस.ए.) आना पूर्वनिर्धारित था। प्रायः हम दोनों, मैं और मेरी पत्नी, ड्राइव करके वेस्टफ़ील्ड (न्यू जर्सी) अपने बेटे के पास आते हैं। लगभग 743 कि.मी. की यात्रा में ड्राइव करने के लिए लगभग साढ़े सात घंटे लगते हैं। हम लोग रास्ते में दो जगह कॉफ़ी, खाने और पैट्रोल के लिए रुकते हैं। सुबह सात बजे चल कर लगभग साढ़े तीन बजे तक हम अपने गंतव्य तक पहुँच जाते हैं। मैं पहले भी कई...

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साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

आकाशी 
|

  जब आकाशी आठ साल की थी, तब गाँव के…

आदिल 
|

  आख़िरकार बीस घंटे लंबे सफ़र के बाद…

आपका बीता हुआ कल
|

  आज होली थी। शाम होने जा रही थी। मुझे…

इंसानियत ज़िन्दा है
|

  आईटीओ से लौटते हुए रात कुछ थकी हुई…

ऊपर उठी हुई नाक
|

    “मेरी ट्विट अपनी पूरी…

कंधा
|

  चाहे सुबह के दस बजे हों या रात के,…

खण्डित डुबकियाँ
|

  प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के दिन…

घुटन 
|

  सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों…

वृद्धावस्था 
|

  पति-पत्नी दोनों ही एक दूसरे के लिए…

सेठ और चूहा
|

  सेठ करोड़ी मल मज़े से खर्राटे ले रहा…

हास्य/व्यंग्य

इंटरनेशनल स्कूल
|

  तो मसला ये है साहिबान कि बड़ी मन्नतों…

आलेख

समीक्षा

आख़िर! ‘यह कौन सी जगह है’
|

समीक्ष्य पुस्तक: यह कौन सी जगह है (काव्य संग्रह) लेखक: राजेन्द्र राजन…

साक्षात्कार

भारतीय साहित्य के बहुभाषी सेतु डॉ. संतोष अलेक्स
|

  डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पांडे द्वारा बहुभाषीय…

कविताएँ

अँधेरे के प्रकाश में 
|

  देखता हूँ आकाश  काला  कत्थई …

इस शहर को ये क्या हो गया है?
|

  इस शहर को ये क्या हो गया है, …

कूड़े में ढूँढ़े ख़ुशी
|

  रोटी की मजबूरियाँ, छीन गई पहचान, …

खोज 
|

  खोजता किसी एक को  कोई एक बार-बार, …

गधों पर दाँव
|

  गधों पर दाँव लगाओगे तो रेस क्या जीतोगे, …

चाँद अलोप था
|

  मेरे लफ़्ज़ ख़ामोश हो गए थे,  जिसने…

छोटी सी कविता
|

  मैं छोटी सी कविता  पलभर चली, …

जीवन का सत्य
|

  बँधन से ही जीवन सम्भव  निर्बँध…

जीवन की शरद-ऋतुएँ 
|

  सुबह-सुबह की खुनकी लिए हवा …

तुम हमें यूँ भुला न पाओगे
|

  तुम हमें यूँ भुला न पाओगे हम केवल…

प्रकाश पुंज
|

  वर्षों पहले निकला था मैं,  खोज…

बेबस
|

  दोराहे पर खड़ा ये जीवन,  थका…

बेबस ठूँठ
|

  सब ढूँढ़ते है छाँव कठिन ताप में एक…

भग्नांश
|

    (सॉनेट)    ​भग्नांश…

मन का तूफ़ान
|

  मन की ख़ामोशी में इक तूफ़ान पलता है, …

मुझे चुनो तुम . . .
|

  मुझे चुनो तुम,  अगर तुम्हें…

मृत्यु-मुक्ति
|

 (सॉनेट)    क्षुण्ण यह तारिका…

मेरी पेंसिल 
|

  लिखती है ये दिल से तत्परता से हर…

मेरे जाने के बाद
|

  मेरे जाने के बाद शायद तुम धीरे से…

मैं तुम्हें याद आऊँगी
|

  प्रिय, मैं तुम्हें तब याद आऊँगी जब…

युद्ध
|

    शान्ति का अंत  वर्चस्व…

राम नवमी पर दोहे
|

  प्रकट हुए श्री राम जब, जागे अंतःप्राण। …

रोग शोक का उत्तर
|

  यानी गहरे हैं दाग़,  मन पर चस्पा…

लोकतंत्र का बाज़ार
|

  मछलियो ओ मछलियो,  क्या हो गई…

विस्फोटों के बीच रोटी की पुकार
|

  जब धरती की छाती पर लोहे के दानव चलते…

श्री हनुमंत स्तवन
|

 (नाराच छंद)  अतुल्य शक्ति पुंज…

सपने 
|

  सपनों पर कविता?  सपनों की कविता? …

हनुमत स्तवन
|

कुंडलिया छंद  1 बलवीरा हनुमंत तुम,…

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शायरी

इंसान इन दिनों . . . 
|

  आदमी के ज़ेहन से, इंसानियत काफ़ूर है…

कहा था ख़ुद से नमस्ते 
|

  कहा था ख़ुद से नमस्ते,  सच के…

चलें फिर ग़म को भुलाने
|

  चलें फिर ग़म को भुलाने,  याद…

क़ुबूलनामा
|

  हालाँकि, कोई दावा-ए-पारसाई नहीं करता, …

कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा

उसका क्या

अमिताभ वर्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। उच्चारण से ’क्या’ शब्द के कितने भाव प्रस्तुत हुए—सुनें—उन्हीं…

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इस अंक की पुस्तकें

दिल से ग़ज़ल तक


2. दिल से ग़ज़ल तकः एक…
3. एक ख़ुशगवार सफ़र-दिल से…
4. दिल से ग़ज़ल तक अज़, देवी…
5. मेरी ओर से—दिल से ग़ज़ल…
6. 1. सफ़र तय किया यारो…
7. 2. सागर के तट पे आते…
8. 3. सुन सको तो सुन लो…
9. 4. न जाने क्यों हुई…
10. 5. ज़िन्दगी करना बसर…
11. 6. ग़लत फ़हमी की ईंट छोटी…
12. 7. माफ़ कैसे गुनह हुआ…
13. 8. इल्म होगा उसको फिर…
14. 9. हमसफ़र बिन है सफ़र…
15. 10. ग़म कतारों में खड़े…
16. 11. कहाँ हैं गए सारे…
17. 12. रौशनी की ये नदी…
18. 13. मिट्टी को देके रूप…
19. 14. राज़ की है बात जो…
20. 15. तेरे दर पर टिकी…
21. 16 . शमअ पर वो था जला…
22. 17. ये हमराज़ को उसने…
23. 18. बेवफ़ा से मुलाक़ात…
24. 19. कल जली जो ग़रीबों…
25. 20. वो है रहता ख़फ़ा…
26. 21. होगा विश्वास उन…
27. 22. भीड़ में वो सदा…
28. 23. है ये अनजान सा सफ़र…
29. 24. शायरी इक इबादत है
30. 25. हिफाज़त में हैं…
31. 26. फिर तो सब राज़ होंगे…
32. 27. तेरे मेरे बीच वो…
33. 29. कैसी ख़बरें हैं ये,…
34. 30. बादशाहत है कहीं…
35. 31. क्या करता है तेरी…
36. 32. कहीं सर किसी का…
37. 33. शोर में भी ख़फ़ा…
38. 34. होती बेबस है ग़रीबी…
39. 35. उसे ले आई जो शक्ति,…
40. 36. नया रंग हो नया ढंग…
41. 37.  ईंट-गारा हर तरफ़…
42. 38. जब भी बँटवारे की…
43. 39. क्यों बात को बढ़ा…
44. 40. हैवानियत के सामने…
45. 41. साँसें जो ज़िन्दगी…
46. 42. बने बेवफ़ा राज़दाँ…
47. 43. ख़ुदी आस्माँ को लगी…
48. 45. लिखी बात दिल की…
49. 46. जीत पाने की वजह…
50. 47. चमकती है बिजली यूँ…
51. 48. इश्क में जब वो किसी…
52. 49. वह किसी का भी क़र्ज़दार…
53. 50. लिखा जो तुमने क़लाम…
54. 51. क्या ऐसा कोई किताब…
55. 52. वहीं पे आता उबाल…
56. 53. थरथराया रात भर तेरा…
57. 54. हो न बस में तेरे…
58. 55. तू न था कोई और था…
59. 56. ख़ाली दिल का मकान…
60. 57. इन चरागों को जलना…
61. 58. शीशे के घर में जो…
62. 59. अनकही जो बात दिल…
63. 60. शिल्पी ने तराशी…
64. 61. मिट्टी को देके रूप…
65. 62. कोई बैठा मुझमें…
66. 63. काश उसका भी अपना…
67. 64. नये रंग निस दिन…
69. 66. उजालों की बारात…
70. 67. बारहा उसके घर गया…
71. 68.  मुँह के बल फिर…
72. 69. अँधेरी सी गली में…
73. 70. अपनों की दोस्ती…
74. 71.  मुस्कुराहट मेरी…
75. 72. बाग़ में उनका तो…
76. 73. आईना है दिखा रहा…
77. 74. एक तुम हो एक मैं…
78. 75. नये साल का है आना…
79. 76. ज़रा पत्थरो ध्यान…
80. 77. मुंतशिर हो ज़ेहन…
81. 78. साँस का ईंधन जलाकर…
82. 79. मेरी नब्ज़ छू के…
83. 80. लगती है मन को अच्छी,…
84. 81. दिल से दिल तक जुड़ी…
85. 82.  अनबुझी प्यास रूह…
86. 83. की शायरी भी हमने…
87. 84. दर्द की तानें उड़ायेगी…
88. 85. सिमटती जो जाएगी…
89. 86. जब भी बढ़ता है ग़म…
90. 87. क्या जाने मैंने…
91. 88. ये शाइरी क्या चीज़…
92. 89. है बाग़ बाग़ मिरा…
93. 90. मेरे वतन की ख़ुश्बू 
94. 91. लहू से लिखी वीरता…
95. 92. यूँ अंधेरों में…
96. 93. पहचानता है यारो,…
97. 94. वो ही चला मिटाने…
98. 95.  लोरी सुना रही है,…
99. 96. सुब्हदम तू जागरण…
100. 97. रहमत तेरी ए मौला…
101. 98. बहार आये तो आती…
102. 99. जुदाई में हैं आँखें…
103. 100. क़ुरबान जाँ की जिसने…
क्रमशः

इस अंक के लेखक

विशेषांक

इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ

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विशेषांक सूची

डॉ. आरती स्मित (विशेषांक संपादक)

  इक्कीसवीं सदी वैश्विक स्तर पर बहुआयामी बदलाव एवं विकास की जननी के रूप में हमारे सम्मुख आई। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जो अद्भुत क्रांति आई, उसने जीवन की गति तेज़ कर दी। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट फ़ोन, आइ फ़ोन, सोशल मीडिया के कई विकल्पों सहित गूगल और चैट जीपीटी ने विश्व के आम जन को विश्व.. आगे पढ़ें

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