ISSN 2292-9754
पूर्व समीक्षित
वर्ष: 22, अंक 293, मार्च प्रथम अंक, 2026
संपादकीय
अब मैं मौन नहीं हूँ
सुमन कुमार घईप्रिय मित्रो, इस विलम्बित अंक प्रकाशन के समय सम्पादकीय मौन है। कहने को बहुत कुछ है और विडम्बना है कि कह भी नहीं पा रहा हूँ। कोविड के बाद पहली बार भारत लौटा हूँ। एयरपोर्ट पर विमान से बाहर निकलने से लेकर अभी तक के अनुभव आपस में प्रतिस्पर्धारत हैं कि कौन-सा पहले पन्ने पर उतरेगा। एयरपोर्ट के पार्किंग लॉट के रख-रखाव से चकित और प्रभावित होने के अनुभव को लिखूँ या एयरपोर्ट के परिसर से बाहर निकलते ही ट्रैफ़िक की पारम्परिक चिल्ल-पौं के बारे में लिखूँ? मुझे और पत्नी को एयरपोर्ट पर लेने आए ड्राइवर से हुई बातचीत का लिखूँ या दिल्ली के समृद्ध इलाक़े में...
साहित्य कुञ्ज के इस अंक में
कहानियाँ
कोहरे की सुबह, शनिवार, २७ दिसंबर २०२५
लघुकथा | चेतना सिंह ‘चितेरी’आज बहुत ठंड है। बाहर घना कोहरा पसरा हुआ…
तारामंडल का खोया हुआ नक़्शा
किशोर साहित्य कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहदस साल का मयंक हर रात छत पर बैठकर…
हास्य/व्यंग्य
10 मिनट में डिलीवरी भारतीय संस्कृति के ख़िलाफ़
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहनवरालाल ने ख़ुशी जताते हुए कहा, “दस…
आलू प्याज़ दहाई पर है, फूल गोभी सैंकड़े पर
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | महेश कुमार केशरीबजट में क्या है, इसकी राय आजकल नेताओं…
एस्पिरिन एपस्टीन और ताज़े टटके भैया जी
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | अशोक गौतमबँधुओ! वैसे तो मैं अभी नवाकुंरित…
काम क्यों करें?
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारगाँव की पान की दुकान पर खड़े एक 35…
टंकी का बयान: एक गिरावट की आत्मकथा
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | मुकेश गर्ग ‘असीमित’अभी एक टंकी ने अपनी गिरावट दर्ज करवाई है।…
टीवी डिबेट: बहस कम, तमाशा ज़्यादा
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारआजकल टीवी डिबेट देखकर लगता है कि…
नेताओं पर ब्रांडेड जूते फेंके जाएँ, तभी प्रगति कहलाएगी
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहआदर्श लोकतंत्र में फेंकने का अधिकार…
पार्टी के सिर पर पानी की मार चल रही है, शर्म नाम की चीज़ नहा डालो
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहकिसी भी घटना में जिसका पेट का पानी…
पालिटिक्स में हँसी के लिए और प्रदूषण में खाँसी के लिए तैयार रहना पड़ता है
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहदुश्मन वार करता है और डॉक्टर इलाज…
पेंशन लेने का, टेंशन देने का
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहपिरथी काका के बैठक वाले घर के बाहर…
प्रयोग बकनली का और बकबक नली का
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहक्या प्यार का भी कोई गारंटी पीरियड…
विरोधियों से थको मत, विरोधियों को थका दो: विपक्ष के नेता खरगोशलाल का नया सूत्र
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहजंगल की राजनीति में राजा सिंह का दबदबा लगातार…
संसद में हंगामा करने लीडर बन गए रीडर
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहपार्टी की ओर से आदेश जारी…
हमारी गारंटी, वर-कन्या समय पर स्टेज पर पधारेंगे . . .
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | वीरेन्द्र बहादुर सिंहविवाह समारोह में उपस्थित होने से…
फ़ंड का रहस्यमयी कुंड: सरकार भेजती है, धरती निगल जाती है!
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारमाननीय मुख्यमंत्री जी, यह तो…
आलेख
गणतंत्र की गरिमा और वैश्विक झंझावात
सामाजिक आलेख | अमरेश सिंह भदौरियाभारत के इतिहास में 26 जनवरी केवल…
गाँधी का दर्शन और डॉ. विजय बहादुर सिंह की साहित्यालोचना
साहित्यिक आलेख | शैलेन्द्र चौहानगाँधी दर्शन भारतीय आधुनिकता की उस…
नर्मदा की अनन्त धारा: एक विद्धत चेतना का आह्वान
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्मा(नर्मदा जयंती पर विशेष आलेख) …
परीक्षा, तनाव और विद्यार्थी: दबाव के बीच संतुलन की राह
काम की बात | सुशील कुमार शर्माआज का विद्यार्थी केवल किताबों से…
प्रेम कुमार की कविताओं में अभिव्यक्त मानव मूल्य
शोध निबन्ध | पूनम कुमारीशोधार्थी, पीएच. डी. अनुवाद…
प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्मा(वेलेंटाइन डे पर विशेष) प्रेम संसार…
प्रोफ़ेसर तिप्पेस्वामी के परलोक गमन से देश ने खोया एक महान सारस्वत पुत्र
साहित्यिक आलेख | दिनेश कुमार मालीदो दिन पूर्व लंबे समय से बीमार चल रहे प्रसिद्ध…
फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की कहानियाँ: इश्क़ के आगे जहां कुछ और भी है
साहित्यिक आलेख | हरीशकुमार शर्माफणीश्वरनाथ ‘रेणु’ने पहली…
बसंत पंचमी: जब ऋतु नहीं, चेतना बदलती है
सांस्कृतिक आलेख | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारभारत केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि…
भारत में गणतंत्र की ढाई हज़ार वर्ष पुरानी परंपरा
ऐतिहासिक | संदीप सृजनआधुनिक भारत ने 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र…
वर्तमान में हिंदी साहित्य में गीत और नवगीत की स्थित
साहित्यिक आलेख | सुशील कुमार शर्माहिंदी साहित्य की परंपरा मूलतः काव्यात्मक…
वसंत पंचमी: सरस्वती तत्त्व के जागरण का पर्व
सांस्कृतिक आलेख | संदीप सृजनवसंत पंचमी भारतीय संस्कृति का वह…
शिक्षा या विद्या पुनर्विचार की आवश्यकता: पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विशेष संदर्भ में
साहित्यिक आलेख | हर्षा त्रिवेदीडॉ. हर्षा त्रिवेदी अध्येता, …
शिव और शक्ति का महामिलन: महाशिवरात्रि का विराट दर्शन
सांस्कृतिक आलेख | सुशील कुमार शर्मा(महाशिवरात्रि पर विशेष आलेख) …
सामाजिक समरसता और रंगों का पर्व होली
सांस्कृतिक आलेख | सुरेश बाबू मिश्राहमारी सनातन संस्कृति उत्सवधर्मी है।…
सामाजिक समरसता–हिंदू समाज की आत्मा
सांस्कृतिक आलेख | अनीता रेलन ‘प्रकृति’भेद मिटे मन से सभी, जुड़े हृदय के…
सोशल मीडिया के साहित्यिक पटल: एक समालोचना
साहित्यिक आलेख | सुशील कुमार शर्माडिजिटल युग ने साहित्य को जिस तीव्रता…
हिंदी साहित्यकार और ए.आई. का प्रयोग
साहित्यिक आलेख | शैलेन्द्र चौहानइक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में कृत्रिम…
समीक्षा
ग़ज़ल की परंपरा और ‘बग़ैर मक़्ता’ का स्थान
पुस्तक समीक्षा | तेजपाल सिंह ’तेज’किताब का नाम: बग़ैर मक़्ता (ग़ज़ल संग्रह) ग़ज़लकार: अमित धर्मसिंह पृष्ठ:…
मधुरता और मिठास के साथ मुद्दों पर लिखा गया गीत
पुस्तक समीक्षा | ज़ियाउर रहमान जाफरीसमीक्षित पुस्तक: जहाँ नहीं उजियार गीतकार: योगेंद्र प्रताप मौर्य …
ज़िन्दगी जिन्दाबाद: पीड़ा के विरुद्ध ज़िन्दगी की घोषणा
पुस्तक समीक्षा | लखनलाल पालपुस्तक: ज़िन्दगी जिन्दाबाद (आत्मकथा) लेखक: डॉ. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर …
संस्मरण
ऊँचाइयों, रेत और रोशनी का रोमांच है दुबई की यात्रा
यात्रा-संस्मरण | अरुण अर्णव खरेगतिशीलता जीवन का पहला नियम है। जब…
सुरमयी संध्या: स्मृतियों के झरोखे से शक्कर के दाने और गम्मत का उल्लास
स्मृति लेख | सुशील कुमार शर्माजीवन की आपाधापी के मध्य जब आत्मीयता…
अन्य
अंबेडकरवादी ग़ज़लों के स्वरूप निर्धारण की आख़िरी ग़ज़लशाला ‘बग़ैर मक़्ता’ पर संपन्न
कार्यक्रम रिपोर्ट | लोकेश कुमारनव दलित लेखक संघ, दिल्ली ने 28 दिसंबर…
कविताएँ
ओ कॉलेज के शेरो! ज़रा ब्रेक भी नाम की चीज़ होती है
हास्य-व्यंग्य कविता | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारओ कॉलेज के महारथियो! ओ रील…
कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - पूरे कर कर्त्तव्य
कविता-मुक्तक | सुशील कुमार शर्माकरुणा मन निर्झर बहे, जागे नव अभियान। …
कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - यू जी सी नियम
कविता-मुक्तक | सुशील कुमार शर्मा1 शिक्षा का आधार हो, समता न्याय विवेक। …
कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - सच्चा ज्ञानी है वही
कविता-मुक्तक | सुशील कुमार शर्मासच्चा ज्ञानी है वही, जिसमें मानव…
चाइनीस माँझा: धागा नहीं, हमारी सामूहिक लापरवाही
हास्य-व्यंग्य कविता | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारचाइनीस माँझा कोई मामूली धागा नहीं है। …
मयंक शर्मा – सवैया – किशोरी छवि वर्णन
कविता-मुक्तक | मयंक शर्माकंचन हार हमेल लसै मुख, भानुलली सम चन्द-चकोरी,…
वसंत पंचमी पर माँ शारदे की आराधना के दोहे
दोहे | सुशील कुमार शर्मावीणा के मधु नाद से, जागे अंतःलोक। …
शादी: एक पारिवारिक संस्कार या सार्वजनिक प्रदर्शन?
हास्य-व्यंग्य कविता | प्रीति सुरेंद्र सिंह परमारसमाज में इन दिनों विवाह का मौसम नहीं, …
शायरी
कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा
उसका क्या
अमिताभ वर्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। उच्चारण से ’क्या’ शब्द के कितने भाव प्रस्तुत हुए—सुनें—उन्हीं…
विडिओ देखेंइस अंक की पुस्तकें
दिल से ग़ज़ल तक
ग़ज़ल
2. दिल से ग़ज़ल तकः एक…
3. एक ख़ुशगवार सफ़र-दिल से…
4. दिल से ग़ज़ल तक अज़, देवी…
5. मेरी ओर से—दिल से ग़ज़ल…
6. 1. सफ़र तय किया यारो…
7. 2. सागर के तट पे आते…
8. 3. सुन सको तो सुन लो…
9. 4. न जाने क्यों हुई…
10. 5. ज़िन्दगी करना बसर…
11. 6. ग़लत फ़हमी की ईंट छोटी…
12. 7. माफ़ कैसे गुनह हुआ…
13. 8. इल्म होगा उसको फिर…
14. 9. हमसफ़र बिन है सफ़र…
15. 10. ग़म कतारों में खड़े…
16. 11. कहाँ हैं गए सारे…
17. 12. रौशनी की ये नदी…
18. 13. मिट्टी को देके रूप…
19. 14. राज़ की है बात जो…
20. 15. तेरे दर पर टिकी…
21. 16 . शमअ पर वो था जला…
22. 17. ये हमराज़ को उसने…
23. 18. बेवफ़ा से मुलाक़ात…
24. 19. कल जली जो ग़रीबों…
25. 20. वो है रहता ख़फ़ा…
26. 21. होगा विश्वास उन…
27. 22. भीड़ में वो सदा…
28. 23. है ये अनजान सा सफ़र…
29. 24. शायरी इक इबादत है
30. 25. हिफाज़त में हैं…
31. 26. फिर तो सब राज़ होंगे…
32. 27. तेरे मेरे बीच वो…
33. 29. कैसी ख़बरें हैं ये,…
34. 30. बादशाहत है कहीं…
35. 31. क्या करता है तेरी…
36. 32. कहीं सर किसी का…
37. 33. शोर में भी ख़फ़ा…
38. 34. होती बेबस है ग़रीबी…
39. 35. उसे ले आई जो शक्ति,…
40. 36. नया रंग हो नया ढंग…
41. 37. ईंट-गारा हर तरफ़…
42. 38. जब भी बँटवारे की…
43. 39. क्यों बात को बढ़ा…
44. 40. हैवानियत के सामने…
45. 41. साँसें जो ज़िन्दगी…
46. 42. बने बेवफ़ा राज़दाँ…
47. 43. ख़ुदी आस्माँ को लगी…
48. 45. लिखी बात दिल की…
49. 46. जीत पाने की वजह…
50. 47. चमकती है बिजली यूँ…
51. 48. इश्क में जब वो किसी…
52. 49. वह किसी का भी क़र्ज़दार…
53. 50. लिखा जो तुमने क़लाम…
54. 51. क्या ऐसा कोई किताब…
55. 52. वहीं पे आता उबाल…
56. 53. थरथराया रात भर तेरा…
57. 54. हो न बस में तेरे…
58. 55. तू न था कोई और था…
59. 56. ख़ाली दिल का मकान…
60. 57. इन चरागों को जलना…
61. 58. शीशे के घर में जो…
62. 59. अनकही जो बात दिल…
63. 60. शिल्पी ने तराशी…
64. 61. मिट्टी को देके रूप…
65. 62. कोई बैठा मुझमें…
66. 63. काश उसका भी अपना…
67. 64. नये रंग निस दिन…
69. 66. उजालों की बारात…
70. 67. बारहा उसके घर गया…
71. 68. मुँह के बल फिर…
72. 69. अँधेरी सी गली में…
73. 70. अपनों की दोस्ती…
74. 71. मुस्कुराहट मेरी…
75. 72. बाग़ में उनका तो…
76. 73. आईना है दिखा रहा…
77. 74. एक तुम हो एक मैं…
78. 75. नये साल का है आना…
79. 76. ज़रा पत्थरो ध्यान…
80. 77. मुंतशिर हो ज़ेहन…
81. 78. साँस का ईंधन जलाकर…
82. 79. मेरी नब्ज़ छू के…
83. 80. लगती है मन को अच्छी,…
क्रमशः
इस अंक के लेखक
डॉ. आरती स्मित (विशेषांक संपादक)
इक्कीसवीं सदी वैश्विक स्तर पर बहुआयामी बदलाव एवं विकास की जननी के रूप में हमारे सम्मुख आई। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जो अद्भुत क्रांति आई, उसने जीवन की गति तेज़ कर दी। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट फ़ोन, आइ फ़ोन, सोशल मीडिया के कई विकल्पों सहित गूगल और चैट जीपीटी ने विश्व के आम जन को विश्व.. आगे पढ़ें
समाचार
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विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम
“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी…
ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान 2025
मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग…
यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह
दिनांक: 26 अप्रैल 2025 स्थान: यॉर्क,…
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डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ लोकार्पण
दिल्ली। 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित…
गाहलियाँ विद्यालय के छात्राओं ने आर्ट्स पेंटिंग से चमकाया विद्यालय
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, राजकीय उत्कृष्ट…
रामकिशोर उपाध्याय कृत ‘लालटेन’ पर परिचर्चा संपन्न-युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच
युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत न्यास)…