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डॉ. अनुराग शर्मा ‘सम्यक’

डॉ. अनुराग शर्मा ‘सम्यक’ एक समर्पित चिकित्सक, जनस्वास्थ्य चिंतक तथा समसामयिक विषयों के सजग व्यंग्यकार हैं। चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर आमजन की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और नीतिगत चुनौतियों को अत्यंत निकटता से देखा और समझा है। यही अनुभव उनके लेखन को यथार्थ की ठोस ज़मीन प्रदान करता है। 

उनकी रचनाओं में सामाजिक विसंगतियों, स्वास्थ्य तंत्र की विडंबनाओं, प्रशासनिक उलझनों तथा बदलते जनमानस का सटीक और संवेदनशील चित्रण देखने को मिलता है। वे गंभीर और जटिल विषयों को सरल, प्रवाहपूर्ण और चुटीली भाषा में प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं, जिससे पाठक न केवल मनोरंजन का अनुभव करता है, बल्कि चिंतन के लिए भी प्रेरित होता है। 

डॉ. शर्मा का मानना है कि व्यंग्य केवल हास्य का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का एक सशक्त उपकरण है। इसी दृष्टि के साथ वे अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में योगदान देने का प्रयास करते हैं। 

वर्तमान में वे सार्वजनिक स्वास्थ्य, महामारी विज्ञान तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चिकित्सा सेवा और लेखन—दोनों क्षेत्रों में उनका उद्देश्य समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करना है। 

लेखक की कृतियाँ

हास्य-व्यंग्य कविता

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