बहराइच, उत्तर प्रदेश
सम्प्रति: बेसिक शिक्षिका
॥संक्षिप्त परिचय॥
मात पिता ने दिया सुंदर नाम आराधना,
करती जग पालनहार राम उपासना॥
पिता गोविंद माता प्यारी राधा है।
जिन्होंने अपने तप बल से साधा है॥
अर्द्धांगिनी बनी अनुराग की।
करूँ पूजन वंदन आपके भाग की॥
आराध्या श्रेयस्कर है मेरे मान।
ऊँचा उठाएँ देश का सम्मान॥
जनपद बहराइच रामनगरी के पास।
मिल जाएँगे रामलला है यही आस॥
बन शिक्षक बच्चों को नित्य पढ़ाऊँ।
वसुधैव कुटुंबकम् की धारणा सिखलाऊँ॥
नये नये चित्रों का सृजन है लोकजागृति कार्यशाला।
जिसमें लिख लिख प्रखर होती लेखनी बाला॥
राम कृपा से आराधना लिख पाती।
कविताएँ साझा संकलन में छप जाती॥
मान सम्मान मिलते रहते राम नाम।
पढ़ना पढ़ाना लिखना है मेरा काम॥
सब मिल बोला सीता राम सीता राम॥
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