शैलेन्द्र चौहान
वसंत के हरकारे
श्वेतपत्र
सीने में फाँस की तरह
और कितने प्रकाश वर्ष
पाँव ज़मीन पर
नौ रुपये बीस पैसे के लिए
नहीं यह कोई कहानी नहीं
कविता का जनपक्ष
ईश्वर की चौखट पर
गंगा से कावेरी
चयनित कविताएँ
वसंत के हरकारे
श्वेतपत्र
सीने में फाँस की तरह
और कितने प्रकाश वर्ष
पाँव ज़मीन पर
नौ रुपये बीस पैसे के लिए
नहीं यह कोई कहानी नहीं
कविता का जनपक्ष
ईश्वर की चौखट पर
गंगा से कावेरी
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