अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई क़ता

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा वृत्तांत डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य लघुकथा बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट सम्पादकीय प्रतिक्रिया

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

फुँफकारती कुण्डलियाँ

1.

गूफ़लाल के गैंग में आ पहुँचे ब्लफलाल।
सोचा दोनों ने चलो हो लें मालामाल॥
हो लें मालामाल, काम छेड़ा फाईनेंसी।
नोट छपने लगे भई! अच्छी एजेंसी॥
धंधा अच्छा, गंदा है, कुछ ना किया ख्याल।
रेड पड़ी पकड़े गये गूफ़लाल बल्फलाल।

2.

चलाचला चक्की अकल गई जेल में जाग।
पछताये, खुद फोड़कर दोनों अपने भाग।।
दोनों अपने भाग, जगाने की सोची फिर।
नई गजब तरकीब एक सूझी थी आखिर॥
रिहा जेल से होते ही जा खोला मंदर।
बन बैठे परधान सिकटरी दोनों बंदर॥

3.

अंधी जनता की खुली गाँठ मिली क्या खूब।
रोज मलाई मारते प्रभु आगे धरें दूब॥
प्रभु आगे धरें, दूब गूफ, बल्फलाल निराले।
भाग – “रिया-सत” दे गये, पढ़ें लोग रिसाले॥
मौन “अभय-मुद्रा” धरी संत बन रहे आज।
दोनओं की भगवान संग आरती करे समाज॥

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

अथ स्वरुचिभोज प्लेट व्यथा
|

सलाद, दही बड़े, रसगुल्ले, जलेबी, पकौड़े, रायता,…

अन्तर
|

पत्नी, पति से बोली - हे.. जी, थोड़ा हमें,…

अब बस जूते का ज़माना है
|

हर ब्राण्ड के जूते की  अपनी क़िस्मत…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता

हास्य-व्यंग्य कविता

गीत-नवगीत

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं