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शुभाषिणी लता कुमार

शुभाषिणी लता कुमार फीजी नेशनल यूनिवर्सिटी में हिंदी की प्राध्यापिका है। वह पिछले 21 सालों से हिंदी की सेवा में कार्यरत हैं। उनका जन्म नांदी, फीजी में हुआ। वर्तमान में आप मैसूर विश्वविद्यालय से हिंदी में पीएच.डी. कर रही हैं। आपके शोध अध्ययन का विषय ‘फीजी के हिंदी प्रवासी साहित्य का अनुशीलन’ है। लौतोका टीचर्स कॉलेज में वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में शामिल होने से पहले, 12 सालों तक आपने प्रायमरी स्कूलों में पढ़ाया है। बाद में, आपने फीजी नेशनल यूनिवर्सिटी में हिंदी भाषा के व्याख्याता के रूप में प्रवेश लिया और अब वहीं कार्यरत हैं।

आपकी रुचि आलेख लेखन, कहानी एवं कविता  में रही है। सन् 2019 में 'फीजी में हिंदी भाषा और संस्कृति' पुस्तक का प्रकाशन हुआ और एक संपादित पुस्तक 'फीजी हिंदी काव्य साहित्य' आई।  2018 में आपकी फीजी हिंदी कहानी ‘फंदा’ का प्रकाशन हुआ। इसके अतिरिक्त हिंदी साहित्यिक पत्रिकाओं में एक दर्जन से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और अनेक हिंदी और अंग्रेजी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्टियों की विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। शुभाषिणी हिंदी परिषद फीजी की  सक्रिय सदस्य हैं जो फीजी में हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दे रही हैं।

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