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उमेश ताम्बी

नागपुर विश्वविद्यालय से १९८७ कि प्राविण्य सूची मे अभियांत्रिकी स्नातक मे प्रथम स्थान पाया, १९८९ मे अड्मिन्सट्रेशन में स्नातकोत्तर किया, १९९९ तक भारत में स्वयं के उद्योग-व्यवसाय में सफलता पाने के पश्चात अमेरिका पहुँचे, साफ़ट्वेयर के क्षेत्र में कार्यरत है। फिलाडेल्फीया के समीप अपने परिवार के साथ रहते हैं। 
भारत के लगभग सभी राज्यों और मुख्य शहरों की यात्रा के दौरान हुए अनुभव से "अनेकता मे एकता" और "एकता में अखण्डता" का जो रूप देखने को मिला है उसका व्यापक प्रचार और प्रसार अनिवासीय भारतीय समुदाय में किया जा सके इसलिये विभिन्न स्थानीय सामाजिक संस्थाओं से जुड़ कर भारतीय भाषा, सभ्यता और संस्कृति के प्रति जागरुकता बढ़ाने में प्रयासरत हैं। 

हिन्दी भाषा के प्रति अटूट प्रेम, बचपन से ही हास्य और व्यंग्य कविताओं के प्रति रुचि रही है, कुछ समय से अनुभव और विचारों को गद्य और काव्य में रुपांतरित करने का प्रयत्न कर रहे हैं।

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