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अमेरिका की फ़ोलसम नगरी ने मनाया हिंदी कवि का जन्मोत्सव

बायें - काव्य पाठ करते अभिनव शुक्ल दायें - सरस्वती वंदना करती दीप्ति शरण 

 

मई १८, २०१९, फ़ोलसम, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका। कैलिफोर्निया की राजधानी साक्रामेंटो क्षेत्र की फॉल्सम नगरी के मेसॉनिक सेंटर सभागार में, लोकप्रिय हिंदी कवि अभिनव शुक्ल के चालीसवें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में एक हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिनव शुक्ल को सैक्रामेंटो के साहित्यिक समाज की ओर से सम्मानित किया गया तथा कवियों ने चार घंटों तक श्रोताओं को अपनी कविताओं के रस से सराबोर किया।

मंच पर अभिनव की विभिन्न भाव भंगिमाएँ प्रदर्शित करता एक बैनर लगाया गया था, अभिनव के जीवन के विविध पड़ावों को दर्शाते चित्र एक प्रोजेक्टर पर प्रदर्शित करने हेतु फिल्म तैयार की गयी थी तथा पूरा सभागार सुरुचिपूर्ण तरीके से सजाया गया था। कवि सम्मेलन के प्रारम्भ में जय श्रीवास्तव ने अभिनव को जन्मदिन की बधाइयाँ देते हुए इस कार्यक्रम के विषय में बताया, उन्होंने यह भी बताया कि अभिनव को कवि सम्मेलन के उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में होने की जानकारी नहीं थी तथा यह सभी की ओर से अपने कवि को एक सर-प्राइज़ है। उन्होंने श्रोताओं का स्वागत किया तथा मंच की बागडोर संचालन हेतु कवि अभिनव शुक्ल के  हाथों में सौंप दी। अभिनव ने प्रथम सत्र के कवियों, मनीष श्रीवास्तव, चिंतन राज्यगुरु, जय श्रीवास्तव, अनिरुद्ध पांडेय तथा अतुल श्रीवास्तव को अपनी काव्य पंक्तियाँ समर्पित करते हुए मंच पर आमंत्रित किया। तदुपरांत दीप्ति शरण ने अपने सुमधुर स्वरों से सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मलेन को गरिमा प्रदान करी। प्रथम सत्र के अंत में मनीष श्रीवास्तव ने कवि अभिनव शुक्ल का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने अभिनव की पुस्तकों, एलबमों आदि के बारे में बताते हुए कहा कि संसार की सौ से अधिक संस्थाएं अभिनव का सम्मान कर चुकी हैं तथा अभिनव अनेक पत्रिकाओं के संपादन में सहयोग कर चुके हैं। अभिनव की सुमधुर घनाक्षरियों के संग उनके चुटीले व्यंग्यों पर बोलते हुए मनीष ने अभिनव के नियमित स्तम्भकार होने की बात भी श्रोताओं को बताई। अभिनव के वायरल हुए वीडियोज़ की चर्चा करते हुए उन्होंने अभिनव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा मुख्य काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। भावविभोर होते हुए अभिनव ने कहा कि हमारी संस्कृति में सृजन के प्रति सम्मान का भाव होने के चलते ही इस कार्यक्रम की उत्पत्ति हुई लगती है क्योंकि वे स्वयं को इस सम्मान हेतु योग्य पात्र नहीं समझते हैं। अभिनव ने इस आयोजन के लिए सभी आयोजकों को धन्यवाद देते हुए अपनी हास्य कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अर्चना पांडा, शोनाली श्रीवास्तव तथा शिवेश सिन्हा ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

अधिकांश कवियों ने सामाजिक विसंगतियों पर चुटीले प्रहार किए। चिंतन ने भारत में ट्रैफिक की स्थिति को भ्रष्टाचार से जोड़ती हुई कविता पढ़ी तो शिवेश ने अस्सी के दशक में टीवी एंटीने को सही दिशा में रखने वाले छोटे भाई का दायित्व निभाने पर एक कविता सुनाई। अर्चना पांडा ने बच्चियों पर होने वाले अत्याचारों पर कविता सुनाई तथा अनिरुद्ध पांडेय ने भारतीय वायुसेना के कैप्टन अभिमन्यु पर कविता सुनाई जिन्हें बहुत पसंद किया गया। जय श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर चुटकियां लीं तथा अतुल श्रीवास्तव ने संसार के पार को संसार से जोड़ती रचना सुनाई। मनीष और शोनाली ने होली के गीत पर एक मन-मोहक जुगलबंदी प्रस्तुत करी तथा अभिनव ने कार्यक्रम के सभी प्रायोजकों को धन्यवाद दिया तथा अपनी प्रसिद्ध रचना "पत्नी चालीसा" का पाठ किया जिसे श्रोताओं का भरपूर प्यार मिला।

कार्यक्रम से होने वाला सारा लाभ उड़ीसा में आए फ़ानी तूफ़ान से प्रभावित लोगों की रहतार्थ सेवा यूएसए द्वारा भेजा जा रहा है। जय श्रीवास्तव, शिवेश सिन्हा, ब्रह्म प्रकाश मोहंती, दिव्या, नम्रता, दीप्ति, स्मिता, परेश सिन्हा, प्रदीप मिश्रा, संतोष मिश्रा, सुनील कुमार, आशुतोष, प्रेम समेत अनेक साहित्य प्रेमियों ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम के अंत में केक काटा गया तथा रात्रिभोज हुआ। अनेक भाषाओं में जन्मदिवस गीत गाते हुए, एक अमेरिकी नगरी ने अपने हिंदी कवि को जन्मदिन का अनमोल उपहार प्रदान किया।

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