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विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम

“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी के विकास में योगदान देनेवाले ग़ैर हिंदी भाषिक विद्वानों ने अपनी मातृभाषा का साहित्य, संगीत, कला का सम्मान किया है। 
क्या हम आज भाषा का दुराग्रह पालते हुए भाषा के गुंडों की फ़ौज खड़ी कर रहे है?” 

 

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ विश्व हिन्दी दिवस (10 जनवरी 2026) के पावन अवसर पर हुआ। 

दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और प्रेरक वक्तव्यों के साथ यह उत्सव मातृभाषाओं की सांस्कृतिक एकता और भावनात्मक शक्ति का जीवंत प्रतीक बन गया। 

उपाध्यक्ष अचला भूपेन्द्र जी के स्वागत भाषण से शुरूआत हुई, अध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार जी ने मातृभाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रतियोगिताओं की घोषणा की। 

सचिव समीक्षा तैलंग जी ने परिचर्चा का संचालन करते हुए मातृभाषा को हमारी पहचान का आधार बताया। 

विशिष्ट अतिथियों डॉ. साधना बलवटे जी और वरिष्ठ लेखक-अनुवादक विजय प्रभाकर नगरकर जी ने अपने अनुभवों से प्रतिभागियों को प्रेरित किया। 

इस छह सप्ताह के उत्सव में 22 भारतीय भाषाओं में 150+ प्रतियोगिताएँ होंगी–

लोकगीत, लोकनृत्य, भाषण, सुलेख, चित्रकला, कविता पाठ, कहानी लेखन, परिचर्चाएँ और बहुत कुछ! 

यह मंच हर आयु वर्ग के लिए खुला है–जहाँ हर कोई अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकता है। 

 

थीम 2026: “मातृभाषा आधार जहाँ, हर भाषा उपहार वहाँ” 
 (Where Mother Language Roots, All Languages Bloom) 

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