रायगढ़ (छ.ग.)
जन्म: मई 1958, लिप्ति, सरिया, पूर्व ज़िला-रायगढ़, वर्तमान जिला-सारंगढ़ बिलाईगढ़ (छ.ग.)।
शिक्षा: एम.ए., पीएच.डी. हिन्दी (1986), राष्ट्रभाषा रत्न (1976)
पूर्व पदस्थ:
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प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, प्राचार्य, अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र, किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय (स्वशासी /अग्रणी) रायगढ़ (छ.ग.)
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पूर्व अध्यक्ष-अध्ययन मण्डल-हिन्दी, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़।
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पूर्व सदस्य-केन्द्रीय अध्ययन मण्डल हिन्दी, पं। रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर।
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पूर्व सदस्य-अध्ययन मंडल-हिन्दी, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय, अमरावती (महाराष्ट्र)।
अध्यापन अनुभव: विगत 37 वर्षों से विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों की स्नातक-स्नातकोत्तर कक्षाओं में सतत अध्यापन। स्नातकोत्तर स्तर पर विगत अनेक वर्षों से शोध परियोजना कार्य एवं लघु शोध प्रबंधों का निर्देशन।
प्रकाशन:
काव्य संग्रह:
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महानदी
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करु काल
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करु कविताएँ
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पिता
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दुनिया ऐसी
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साबुत। अन्य-प्रकाशनाधीन
आलोचना:
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पुस्तक-हिन्दी साहित्य का आदिकाल और बीसलदेव रास।
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छायावाद के सौ वर्ष और मुकुटधर पाण्डेय (अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर संपादित ग्रंथ)
सम्पादन:
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छत्तीसगढ़ के नये हस्ताक्षर (साझा काव्य संग्रह)-सम्पादक मण्डल सदस्य
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पूर्णिमा-(साझा काव्य संग्रह
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यथावत-त्रिलोचन पटेल (काव्य-संग्रह)
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कालिदास कृत मेघदूत का पद्मश्री पं। मुकुटधर पाण्डेय द्वारा अनुवाद (प्रकाशन-प्रबंध सचिव)
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“प्राची” (महाविद्यालयीन पत्रिका) स्वर्ण जयंती विशेषांक (2008-09)।
पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन:
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राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की पत्र-पत्रिकाओं-वसुधा (कैनेडा), वातायन (यू.के.), साहित्य का विश्व रंग (हालैंड), पुरवाई (इंग्लैंड), हिन्दी कौस्तुभ (अमेरिका), गर्भनाल (भोपाल) सहित भारत की पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
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विभिन्न साझा संग्रहों में आलेख, कविताएँ प्रकाशित।
प्रसारण: विगत 30 वर्षों से आकाशवाणी केन्द्रों से शताधिक कविताएँ प्रसारित।
विशेष:
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हिन्दी, छत्तीसगढ़ी, उड़िया भाषा-साहित्य एवं संस्कृति विषयक अनुसंधान एवं लेखन-पत्नी डॉ. विद्या प्रधान के साथ।
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विभिन्न विश्वविद्यालयों, साहित्यिक संस्थानों, छत्तीसगढ़ लेखक संघ आदि से सम्बद्ध।
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विश्व हिन्दी अधिष्ठान के तत्वावधान में राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठियों का सामयिक रूप से संयोजन, शोध कार्य सहित भारतीय आंचलिक साहित्य-संस्कृति विषययक विमर्श आदि।
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साहित्यिक, सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय।
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स्वयं के साहित्य पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोधकर्ताओं द्वारा शोध कार्य।
संस्थापक: विश्व हिन्दी अधिष्ठान (पंजी. न्यास) रायगढ़ (छ.ग.) भारत
लेखक की कृतियाँ
रचना समीक्षा
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ऑडियो
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