आई शरण तिहारे
काव्य साहित्य | गीत-नवगीत मधुबाला शांडिल्य15 May 2023 (अंक: 229, द्वितीय, 2023 में प्रकाशित)
क्या माँगूँ मैं, तुझ से गुरुवर,
आई शरण तिहारे,
दास हूँ मैं प्रभु, तेरे चरणों की,
करूँ वंदन मैं तिहारे,
सुख करता तू, दुख हरता है,
नमन करूँ मैं तिहारे,
क्या माँगूँ मैं, तुझ से गुरुवर,
आई शरण तिहारे . . .
भक्ति भाव से, पूजूँ तुझको,
शरण में आई तिहारे,
आप की लीला, आप ही जानो,
हम बालक हैं तुम्हारे,
क्या माँगूँ मैं, तुझे से गुरुवर,
आई शरण तिहारे . . .
पाप करूँ या पुण्य करूँ मैं,
चरणों में समर्पित तुम्हारे,
राह दिखा प्रभु नेकी करूँ मैं,
करूँ वंदन मैं तिहारे,
शारणागत हूँ तेरे चरणों में,
रख लाज तू हमारे,
क्या माँगूँ मैं, तुझ से गुरुवर,
आई शरण तिहारे . . .
जीत भी तेरा हार भी तेरी,
हम हैं दास तुम्हारे,
दर्द भी तेरा सुख भी तेरी,
फिर भी शरण तिहारे,
जैसे भी रख प्रभु, ख़ुद के चरणों में,
हम शरणागत तुम्हारे,
क्या माँगूँ मैं, तुझ से गुरुवर,
आई शरण तिहारे . . .
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