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नवल रौथान

 मेरा नाम नवल रौथान है और मैं एक विद्यार्थी हूँ।

मूल रूप से मैं देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले के अंतर्गत आने वाले अगस्त्यमुनि क्षेत्र का निवासी हूँ।

अपनी पढ़ाई के साथ-साथ मुझे हिंदी साहित्य पढ़ने और कविताएँ लिखने में गहरी रुचि है।

मेरी लेखनी में मानवीय संवेदनाओं, प्रेम के कोमल भावों और जीवन-दर्शन की गहराई का समन्वय देखने को मिलता है।

मैं अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति, समय के चक्र और अंतर्मन के द्वंद्व को शब्दों में पिरोने का प्रयास करता हूँ।

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