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चिड़िया रानी

चिड़िया रानी चिड़िया रानी.....
खा लो दाना पी लो पानी ......

कभी यहाँ तुम कभी वहाँ तुम
उड़ती फिरती जहाँ-तहाँ तुम
जाओगी अब कहाँ-कहाँ तुम
बैठो मेरे पास यहाँ तुम
चंचल कितनी चपल हो तुम
बूझ न पाया कोई ज्ञानी


चिड़िया रानी चिड़िया रानी......
खा लो दाना पी लो पानी .......

तिनका-तिनका चुनती हो
फिर घर अपना बुनती हो
राग हवा का सुनती हो
प्यार जहाँ में पुनती हो
मैं भी तेरे जैसी हूँ
ये कहती है मेरी नानी


चिड़िया रानी चिड़िया रानी.....
खा लो दाना पी लो पानी ......

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