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लड़ाई (प्रिया देवांगन ’प्रियू’)

शहर की लड़की थी मीरा, उसकी शादी पास के गाँव मे हुई थी। उसके घर में मीरा, उसके सास-ससुर और उसका पति रहता था। पति दिन भर काम पर चला जाता था। ससुर भी बाहर काम पर चला जाता था। घर में मीरा व उसकी सास दोनों रहती थीं। मीरा की सास थोड़ी लड़ाकू स्वभाव की थी। छोटी-छोटी बात पर रोकती-टोकती थी। यह बात मीरा को अच्छी नहीं लगती थी।

मीरा शहर की लड़की थी और थोड़ी चंचल स्वभाव की थी। वह काम हो जाने के बाद अपना व्हाट्सएप, फ़ेसबुक लेकर बैठ जाती थी। मीरा का मोबाइल चलाना और उसका दूसरे लोगों से बात करना उसकी सास को पसंद नहीं था। जैसे ही मीरा मोबाइल पकड़ती, उसकी सास कुछ कुछ काम करने के लिये बोल देती थी। इसी बात पर दोनों की लड़ाई हो जाती। मीरा कहती कि जब भी मैं मोबाइल चलाती हूँ, आप मुझे काम करने में लगा देती हो। मीरा की सास बड़बड़ाते हुये कहती , न जाने तेरे इस मोबाइल में क्या है दिन भर पकड़े रहती है। कुछ काम नहीं करती है। 

एक दिन फिर मोबाइल के कारण सास बहू में बहुत लड़ाई हुई। फिर मीरा ने सोचा रोज़-रोज़ का लड़ाई-झगड़ा अच्छा नहीं है। फिर मीरा ने अपने सासु माँ के लिये भी एक मोबाइल ख़रीद कर उन्हें गिफ़्ट दे दिया। और अपनी सास को यह भी सिखा दिया कि व्हाट्सएप और फ़ेसबुक कैसे चलाते हैं।  उस दिन के बाद से मीरा और उसकी सास कभी लड़ाई नहीं हुई। मीरा की सास अपना मोबाइल ले के फ़ेसबुक और व्हाट्सएप व्यस्त रहती और अपने कमरे में बैठी रहती।  और मीरा को बेटी की तरह रखती है।

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