अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

आँसू (जावेद आलम खान)

क्या है ये आँसू
शेक्सपियर की ट्रेजडी का मूर्तिमान रूप
अंतस में छिपी पीड़ा का आकार
परिभाषा है अरस्तू के विरेचन की
या मानव को प्राप्त कोई दैवीय वरदान 
या फिर वियोगी हृदय का गान
क्या है आँसू की पहचान
सिंचन है प्रेमांकुर का
या ममता का पालना है


अरे छोड़ो भी यार
इन बातों को गुज़रे ज़माने निकल गए
वक़्त के साथ आँसू भी बदल गए
छल कपट फरेब का आगार है आँसू
पश्चात्ताप की शक्ल में
प्रायश्चित का व्यापर है आँसू
क्यों कहते हो प्यार है आँसू
दया, त्याग, वेदना
ये सब बातें है काग़ज़ी 
अलमुख़्तसर
विधाता की सृष्टि में
सबसे बड़ा धोखा है आँसू
बर्फ़ की परत से ढका
तेज़ाब का एक समंदर
जिसमें फँसाकर सौंदर्य का आखेटक 
शिकार करता है
कोमल निश्छल सरल हृदय का

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

14 नवंबर बाल दिवस 
|

14 नवंबर आज के दिन। बाल दिवस की स्नेहिल…

16 का अंक
|

16 संस्कार बन्द हो कर रह गये वेद-पुराणों…

16 शृंगार
|

हम मित्रों ने मुफ़्त का ब्यूटी-पार्लर खोलने…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

उपलब्ध नहीं

उपलब्ध नहीं