क़लमवीर तुम देश के
काव्य साहित्य | दोहे श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'15 Aug 2020 (अंक: 162, द्वितीय, 2020 में प्रकाशित)
समाचार से है सदा, मिलता नूतन ज्ञान।
हाल-चाल मिलते हमें, यह आवश्यक जान।
समाचार के श्रोत हैं, करते ज्ञान प्रसार।
ख़बरें देते रेडियो, टीवी औ' अख़बार।
जीवन में अख़बार का, योगदान भरपूर।
घटनाओं की दें ख़बर, जो घटती हैं दूर।
हमको देश-विदेश की, मिलतीं खबर अनेक।
पत्रकारिता कार्य भी, बहुत अधिक है नेक।
जोख़िम में जाँ डाल कर, करें ख़बर की खोज।
क़लमवीर इस काम को, करते हैं हर रोज़।
क़लमवीर तुम देश का, हरदम रखना मान।
सच कहना मत छोड़ना, यही तुम्हारी शान।
सच बोले जिस देश की, क़लम, वहीं उत्थान।
जागरूक हो मीडिया, बनता देश महान।
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