अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका महाकाव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई कतआ

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

नव वर्ष तुम्हारा अभिनंदन

मैं करता स्वागत अभिनंदन!
नव वर्ष तुम्हारा हृदय से वंदन!
नई उमंग, हर्षित है मन,
नव वर्ष तुम हो महकते चंदन॥


संकल्प लिया है करने को नव सृजन,
तम मिटे, प्रकाश का सर्वत्र होगा आगमन।
झूठ, कपट, फ़रेब से न होगा वास्ता,
बुराईयों पर अच्छाइयों का हो मनन॥


जीवन में नव किरणों का हो सुप्रभात,
नव वर्ष में सद्कर्म से मिले नई सौगात।
सेवा, त्याग, आत्मबल की हो समृद्धि,
नूतन वर्ष में मेरे कृत्य से न हो काली रात॥


नव वर्ष में जीवन में नव गीत संगीत हो,
दूरियाँ मिटें, अपनों से ख़ूब प्रीत हो।
अज्ञानता व कुरीतियों का अंत हो,
नव वर्ष में ख़ुशियाँ पाने की नई रीत हो॥


नव वर्ष में जीवन में मेरे नव उत्कर्ष हो,
नव पथ के निर्माण में नव विमर्श हो।
ईर्ष्या, विद्वैष, निजस्वार्थ को मैं तजूँ,
नव वर्ष में चुनौतियाँ स्वीकारने का हर्ष हो॥


नव वर्ष में राष्ट्र के प्रगति में हो भागीदारी,
समाज परिवार के विकास में हो हिस्सेदारी।
अपने अधिकारों को ही न सहेजें हम,
कर्तव्य पालन की भी मेरी हो ज़िम्मेदारी॥

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
|

किंतु यह किसी काल्पनिक कहानी की कथा नहीं…

2015
|

अभी कुछ दिनों तक तारीख़ के आख़िर में भूलवश…

2016
|

नये साल की ख़ुशियों में मगन हम सब अंजान हैं…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता

लघुकथा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं