चाय पर हाइकु
काव्य साहित्य | कविता - हाइकु पुष्पा मेहरा15 Jan 2020 (अंक: 148, द्वितीय, 2020 में प्रकाशित)
१.
उड़ती भाप
कौन बनाता चाय
शीत कुण्ड में!
२.
ठिठुरे हाथ
गर्म चाय का प्याला
प्यार की झप्पी!
३.
गुड़ की चाय
अदरक –आलन
शीत से दोस्ती।
४.
शीत लहर
माँ के हाथ की चाय
यादों में भाप!
५.
दो मीठे बोल
भाप भरी चाय में
मधु का घोल!
६.
फूटी किरण
गूँज उठा आकाश
महकी चाय।
७.
नवेली बधु
मेहँदी लगे हाथ
चाय की चुस्की।
८.
कैसा ये नशा
गुलामी ये चाय की
कभी न छूटी!
९.
हरी साड़ी में
सजीली सी गर्माती
चाय सुहानी।
१०.
हाथों-सँवारी
कढ़ती-कड़कती
चाय साँवली।
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