अन्तरजाल पर
साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली

काव्य साहित्य

कविता गीत-नवगीत गीतिका दोहे कविता - मुक्तक कविता - क्षणिका कवित-माहिया लोक गीत कविता - हाइकु कविता-तांका कविता-चोका कविता-सेदोका महाकाव्य चम्पू-काव्य खण्डकाव्य

शायरी

ग़ज़ल नज़्म रुबाई क़ता

कथा-साहित्य

कहानी लघुकथा सांस्कृतिक कथा लोक कथा उपन्यास

हास्य/व्यंग्य

हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी हास्य व्यंग्य कविता

अनूदित साहित्य

अनूदित कविता अनूदित कहानी अनूदित लघुकथा अनूदित लोक कथा अनूदित आलेख

आलेख

साहित्यिक सामाजिक चिन्तन शोध निबन्ध ललित निबन्ध अपनी बात ऐतिहासिक सिनेमा और साहित्य रंगमंच

सम्पादकीय

सम्पादकीय सूची

संस्मरण

आप-बीती स्मृति लेख व्यक्ति चित्र आत्मकथा वृत्तांत डायरी बच्चों के मुख से यात्रा संस्मरण रिपोर्ताज

बाल साहित्य

बाल साहित्य कविता बाल साहित्य कहानी बाल साहित्य लघुकथा बाल साहित्य नाटक बाल साहित्य आलेख किशोर साहित्य कविता किशोर साहित्य कहानी किशोर साहित्य लघुकथा किशोर हास्य व्यंग्य आलेख-कहानी किशोर हास्य व्यंग्य कविता किशोर साहित्य नाटक किशोर साहित्य आलेख

नाट्य-साहित्य

नाटक एकांकी काव्य नाटक प्रहसन

अन्य

रेखाचित्र कार्यक्रम रिपोर्ट सम्पादकीय प्रतिक्रिया

साक्षात्कार

बात-चीत

समीक्षा

पुस्तक समीक्षा पुस्तक चर्चा रचना समीक्षा
कॉपीराइट © साहित्य कुंज. सर्वाधिकार सुरक्षित

आज़माना ठीक नहीं

दोस्ती में दोस्तों को आज़माना ठीक नहीं  
बेवज़ह की बातों पे तैश खाना ठीक नहीं।
 
कोई शिकवा, शिकायत हो तो हमसे कहिए
यूँ सबसे मन की व्यथा सुनाना ठीक नहीं।
 
हर समस्या का है हल आज नहीं तो कल 
छोटी-छोटी बातों पर घबराना ठीक नहीं।
 
मुश्किल से ही गुँथते हैं रिश्तों के ताने बाने 
स्वारथ की वेदी पे रिश्तों को चढ़ाना ठीक नहीं।
 
तुम सच्चे थे सच्चे हो ये भ्रम भी हो सकता है
भ्रम में पड़कर औरों को झुठलाना ठीक नहीं।
 
भूल किए हो भारी माफ़ी माँग भी सकते हो
बरसों से निभते रिश्तों को दफ़नाना ठीक नहीं।

अन्य संबंधित लेख/रचनाएं

 कहने लगे बच्चे कि
|

हम सोचते ही रह गये और दिन गुज़र गए। जो भी…

 तू न अमृत का पियाला दे हमें
|

तू न अमृत का पियाला दे हमें सिर्फ़ रोटी का…

 मिलने जुलने का इक बहाना हो
|

 मिलने जुलने का इक बहाना हो बरफ़ पिघले…

 मिज़ाज पूछने आए, मिज़ाज करते हैं
|

मिज़ाज पूछने आए, मिज़ाज करते हैं हसीन कैसे…

टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

नज़्म

ग़ज़ल

पुस्तक समीक्षा

गीतिका

कविता

लघुकथा

विडियो

उपलब्ध नहीं

ऑडियो

उपलब्ध नहीं