आनंद त्रिपाठी ‘आतुर’ – मुक्तक 008
काव्य साहित्य | कविता-मुक्तक आनंद त्रिपाठी ‘आतुर’1 Jun 2024 (अंक: 254, प्रथम, 2024 में प्रकाशित)
इतना प्यार मिला है मुझको लोगों से
नूतन एक विश्वास मिला है लोगों से
मन करता है ऐसी गीत ग़ज़ल रच दूँ
द्वेष न रह जाए लोगों का लोगों से।
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