स्कूल चलो अभियान
बाल साहित्य | किशोर साहित्य कविता वेद भूषण त्रिपाठी1 May 2026 (अंक: 296, प्रथम, 2026 में प्रकाशित)
चलो चलें स्कूल प्रेम से
कुल का मान बढ़ाएँ।
माता-पिता गुरु के चरणों में
स्नेह से शीष झुकाएँ।
गुरुजन का सम्मान बढ़ाकर
सुख समृद्धि यश पाएँ।
हर जीवन को शिक्षित कर
राष्ट्रीय उत्कर्ष बढ़ाएँ।
मानवता को जागृत कर
जन-जीवन धन्य बनाएँ।
ज्ञान-ज्योति जगाएँ
सुख मंगल वर्षाएँ।
शिशु-शिक्षा जीवन-दर्पण
जन्म से ही अपनाएँ।
संयमित मोबाइल इयर-फोन
स्वस्थ-जीवन सुख पाएँ।
बच्चे हों समृद्ध राष्ट्र के
राष्ट्रभाव से शिक्षा पाएँ।
सद्भावी सम्मान बढ़ाकर
राष्ट्र की गौरव गाथा गाएँ।
मादक पदार्थ से दूरी बनाएँ
संस्कारी जीवन सुख पाएँ।
विकसित राष्ट्र भारत की
परिकल्पना साकार कराएँ।
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