शुभ आगमन
काव्य साहित्य | कविता मुनीष भाटिया15 Mar 2026 (अंक: 294, प्रथम, 2026 में प्रकाशित)
नव संवत्सर का शुभ आगमन,
लेकर आया पावन प्रकाश,
संस्कारों की मधुर सुगंध संग
जागृत हो जीवन का विश्वास।
प्रार्थना यही है परमेश्वर से
भर दें अंतर्मन में नव उजास,
बनकर ज्योति पुंज हृदय में,
हर लें अज्ञान का संपूर्ण नाश।
त्याग दें प्रतिशोध की भावना,
क्षमा को दें जीवन में स्थान,
दोषों का करें स्वयं निवारण,
यही है सच्चा आत्मज्ञान।
सकारात्मकता का दीप जलाकर
करें समाज का पथ प्रशस्त,
सेवा, करुणा, प्रेम के संग
जीवन हो पूर्णत: सुसज्जित।
जब अंतर्मन होगा प्रकाशित,
मिटेगा हर संशय, हर अंधकार,
तभी साकार होगा वास्तव में
नव संवत्सर का सच्चा सत्कार।
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