पेड़ (त्रिलोक सिंह ठकुरेला)
बाल साहित्य | बाल साहित्य कविता त्रिलोक सिंह ठकुरेला1 Apr 2020 (अंक: 153, प्रथम, 2020 में प्रकाशित)
पेड़ बहुत ही हितकारी हैं,
आओ, पेड़ लगायें।
स्वच्छ वायु, फल, फूल, दवाएँ
हम बदले में पायें॥
पर्यावरण संतुलित रखते,
मेघ बुलाकर लाते।
छाया देकर तेज़ धूप से
सबको पेड़ बचाते॥
कई तरह की और ज़रूरत
करते रहते पूरी।
सुगम बनाते सबका जीवन
होते पेड़ ज़रूरी॥
पेड़ों के इन उपकारों को
हम भी नहीं भुलायें।
आओ, रक्षा करें वनों की,
आओ, पेड़ लगायें॥
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