तुम्हीं से प्यार करती हूँ, ज़माने तक ख़बर जाये
शायरी | ग़ज़ल सुशीला श्रीवास्तव1 Jun 2026 (अंक: 298, प्रथम, 2026 में प्रकाशित)
मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन
1222 1222 1222 1222
तुम्हीं से प्यार करती हूँ, ज़माने तक ख़बर जाये
तुम्हारे आगमन से प्यार की दुनिया सँवर जाये
तुम्हारी याद की बारिश में, मैं अक्सर नहाती हूँ
नज़र भर के जो देखो तुम, क़सम से आँख भर जाये
सफ़र आसानी से गुज़रे, अगर तुम साथ दे दोगे
मिरे हालात का हर मोड़ भी, हँसकर गुज़र जाये
उठाओ तुम ज़रा जहमत, उमीदें भी जवां होंगी
अधूरी आरज़ू मेरी, अचानक ही निखर जाये
मुझे विश्वास है तुम फूल उल्फ़त का खिलाओगे
अगर अरमान हो दिल में, ख़ुशी पल में बिखर जाये
उदासी छा रही है अब, रहूँगी किस तरह तुम बिन
चले आओ कि दामन भी ख़ुशी से आज भर जाये
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