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आज और बीता हुआ कल

हर आज 
समझता है कि वह
बीते हुए कल से
दस क़दम आगे है
यह तो अच्छी बात है
मैं चाहता हूँ आनेवाला आज 
अपने को बीस क़दम आगे सोचे
पर यह न भूले कि उसका पाँव
बीते हुए कल के कंधे पर है
वरना वह वहाँ होता 
जहाँ से बीते हुए कल ने
चलना सीखा था।

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