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भीमराव अम्बेडकर

 

आओ मिलाए आज तुम्हें, 
भारत की अमूल्य शान से। 
संविधान के पिता हैं जो, 
बाबा साहेब पुरुष महान थे। 
 
विचारों में था; जिनके ओज भरा, 
उद्देश्य समाज सुधार था। 
मिटाया छुआ-छूत जिसने, 
हुआ एक नई सदी का शंखनाद था। 
 
समानता की लहर वो लाए, 
दिया सबको न्याय का अधिकार था। 
जाती व्यवस्था का विरोध कर, 
उन्होंने किया भारत उद्धार था। 
 
हिंदू कोड बिल लाकर जिसने, 
स्त्रियों की दशा को सुधारा था। 
सम्पत्ति, तलाक़, गोद लेने के, 
अधिकार से उन्हें निखारा था। 
 
शिक्षा को बनाया हथियार जिसने, 
समाज को सही मार्ग दिखाया था। 
वो भीमराव ही थे जिसने, 
मज़दूर को अधिकार दिलाया था। 
 
लोकतंत्र की नींव रख कर, 
राष्ट्रवाद का जिसने संदेश दिया। 
भाईचारा, वैज्ञानिक सोच से, 
समाज को दिशा-निर्देश दिया। 
 
आओ करे प्रणाम सभी, 
आधुनिक भारत के मनु हैं जो। 
समाजसेवी, अर्थशास्त्री 
मानववाद के ज्योतिपुंज को। 

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