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सम्पादकीय

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ISSN 2292-9754

वर्ष: 16, अंक 181, मई द्वितीय अंक, 2021

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संपादकीय

साहित्य कुञ्ज की कुछ योजनाएँ
सुमन कुमार घई

  प्रिय मित्रो, साहित्य कुञ्ज का मई द्वितीय अंक आपके समक्ष है। पिछले कुछ अंकों की अपेक्षा यह इतना विस्तृत नहीं है। कुछ घटनाक्रम ही ऐसा रहा कि साहित्य कुञ्ज को उतना समय नहीं दे पाया जितना देना चाहता था।  मैं इस संक्षिप्त सम्पादकीय में आपको साहित्य कुञ्ज के विषय में कुछ सूचनाएँ देना चाहता हूँ। साहित्य कुञ्ज की पुस्तकें: पिछले अंक में साहित्य कुञ्ज में "साहित्य कुञ्ज की पुस्तकें" स्तम्भ आरम्भ हुआ है। पुरानी वेबसाइट में, ई-पुस्तक के जन्म से पहले मैंने साहित्य कुञ्ज में ई-लाईब्रेरी के नाम से एक स्तम्भ बनाया था। नई वेबसाइट में अभी तक यह स्तम्भ नहीं बन पाया था। यह स्तम्भ शुरू...

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फीजी का हिन्दी साहित्य

साहित्यकुञ्ज पत्रिका ’फीजी का हिन्दी साहित्य’ विषय पर नवंबर में विशेषांक प्रकाशित करने वाली हैं। उद्देश्य यह है कि फीजी की सांस्कृतिक और हिन्दी की साहित्यिक संपदा पाठकों के सामने रख सकें। हमारा फीजी के लेखकों और फीजी से जुड़े सभी लोगों से सादर आग्रह है कि आप अपनी कविताएँ, कहानियाँ, साहित्यिक लेख, संस्मरण, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि आदि साहित्यकुंज पत्रिका के लिए भेजियेगा। साहित्यकुंज पत्रिका के संपादक हैं: सुमन कुमार घई। इस विशेषांक की संपादक हैं: डॉ. शैलजा सक्सेना; सह-संपादक: सुभाषिणी लता कुमार (लौटुका, फीजी) ये रचनाएँ अक्तूबर 18, 2020 तक अवश्य भेज दीजिए। कृपया इन रचनाओं को आप इन ई-मेल पतों पर भेजिए: shailjasaksena@gmail.com sampadak@sahityakunj.net

विशेषांक

वर्ष 2020 कोरोना संकट के संदर्भ से बदलता जीवन

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विशेषांक सूची

डॉ. शैलजा सक्सेना (विशेषांक संपादक)

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

विडियोज़

कहानियाँ

आधी ज़मीन आधा आसमान
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अनिकेत कॉलेज जाने की तैयारी कर रहा था। वैसे…

आपदा में अवसर
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वो एक बड़े अख़बार में काम करता था। लेकिन रहता…

आशा की किरण
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मिश्रा जी पहले-पहल दादा जी बने थे। एक  हाथ…

आख़िर क्या चाहिए . . .?
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गीता छुट्टियों में अपने मायके आयी हुई थी।…

किंकर्तव्यविमूढ़
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सुबह से लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए कई फोन…

चिंता
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ऑटो रिक्शा स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने उससे…

जग में सबसे बड़ा रुपैया
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मूल कहानी: मनी कैन डू एवरीथिंग; चयन एवं…

डायरी का एक पन्ना – 003: यमराज
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एक मशहूर कहावत है कि “दूसरे की थाली…

तुम और अपना गाँव 
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कमला चाची दरवाजे पर टकटकी लगाए आज सुबह से…

दूसरी माँ
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"मोनिका ज़िंदगी की जंग लड़ रही है सुनीता।…

नाज़ुक रिश्ता 
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आज भी जब संजीव शाम को काम से घर लौटा तो…

पुरानी तोप
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चतुर्थ श्रेणी के रेलवे क्वार्टर नंबर छियालीस…

प्रेतात्मा और मटकी
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अगर आप भूत-प्रेत-जिन्न-पिशाच वग़ैरह को नहीं…

बचपना
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भरे-पूरे संयुक्त परिवार होने के बावजूद,…

बजट
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ था, हर थोड़े दिन में…

बिल्लो की भीष्म प्रतिज्ञा – 4
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बिल्लो सही कह रही थी। बेचना ना होता तो मैं…

माँ
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लिफ़्ट से बाहर निकलते ही जेब में रखा फोन…

माँ की भूमिका
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इंटर पास सुभद्रा ने पति की सहमति से शहर…

मानसिकता  
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यह क़िस्सा सदियों पुराना है। तब का है जब…

राग-विराग – 011
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अनेकों अवान्तर कथाओं द्वारा रोचकता बढ़ाने…

राम की शबरी
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इसे एक बहुत बड़ा संयोग समझिए अन्यथा ऐसा कैसे…

लालच की भूख 
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कथा उस समय की है जब मोबाइल आने से पहले लैंडलाइन…

वस्त्रदान समारोह
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बहुत सारे लोग इकट्ठे हो गए थे, विधायक जी…

सुकून
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सुबह की हलकी मीठी सर्दियों में एक पेड़ के…

हथेली पर सूरज 
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पारदर्शक लिफ़ाफ़े में स्टैपल कर सहेज कर रखे…

हास्य/व्यंग्य

आलेख

तेलंगाना का लोक पर्व ‘बतकम्मा’ 
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“श्री गौरी नी पूजा उय्यालो, चेयबूनीतिनम्मा…

पसायदान : विश्व प्रार्थना
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संत ज्ञानेश्रर जी ने ज्ञानेश्वरी ग्रंथ अर्थात…

बहुआयामी प्रतिभा की धनी : डॉ. मेहरुन्निसा परवेज़
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समय के साथ क़दम मिलाकर चलना ही एक व्यक्तित्वशाली…

समीक्षा

आमजन से जुड़े हुए तकनीकी तथ्यों का ख़ज़ाना है, 'डिजिटल हिंदी की यात्रा'
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पुस्तक : डिजिटल हिंदी की यात्रा लेखक : विजय प्रभाकर नगरकर संस्करण : प्रथम,…

समाज का यथार्थ चित्रण 'दंडनायक' की कहानियों में
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पुस्तक: दंडनायक  लेखक: उमाकांत खुबालकर  प्रकाशक : मित्तल एँड…

संस्मरण

बाल जीवन
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दिनांक 18 अप्रैल 2021 आज रविवार है। सामूहिक…

कविताएँ

अद्भुत दुनिया अनोखा जीवन
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अद्भुत है दुनिया सारी! अपरिमित है समस्याएँ…

आ मानवता धारण कर लें
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कौन है अपना कौन पराया  व्यर्थ का मत…

आत्महत्या के विरुद्ध
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सूरज अपनी रोशनी समेट रहा था, चाँद आसमान…

इस महामारी में
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इस महामारी में घर की चार दिवारी में क़ैद…

उन्हें भी दिखाओ
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महँगाई की मार  बेकारी का ख़ंजर …

कलाइयों पर ज़ोर देकर!
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लोग इतने सारे लोग जैसे लगा हो  लोगों…

किनारे पर मैं हूँ
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नई दिशा नया जीवन साथ-साथ लेकर मैं अब मैं…

घोंसलों से उँचा गाँव
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उतनी उँचाई पर  वहाँ अब तो पक्षियों…

चुप क्यों हो
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मैं चुप हूँ क्योंकि मेरे बोलने का कोई सार्थक…

ज्ञान की डोरी
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  पढ़ावत-पढ़ावत मास बीत भइले, सीखन…

टॉवर में गाँव
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पचास घरों का  एक छोटा सा  हमारा…

तुम मुझ में
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वक़्त की दौड़ में वक़्त की होड़ में सब कुछ…

ब्राह्मण कौन है
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ब्राह्मण जप से पैदा हुई शक्ति का नाम है।…

मेरे जाने के बाद
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मैं जानता हूँ  मेरे जाने के बाद …

मज़दूर का लंच बॉक्स
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पहले डिब्बे में  मालिक की दहशत,  …

विज्ञानकु:  कोरोना - 2
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जी का जंजाल बन गया है आज कोरोना काल।  …

विज्ञानकु: कोरोना - 1
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रहे बेसुध कोरोना को फैलाया हमने ख़ुद।   …

वो उतना ही पढ़ना जानती थी?
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वो उतना ही पढ़ना जानती थी? जितना अपना नाम…

सुख आत्मा लेती है
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शरीर महज़ माध्यम है सुख आत्मा लेती है दुख…

हिंदी भाषा 
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मूक भावनाओं को व्यक्त किया जिससे, अभिव्यक्ति…

हिल गया है मन
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हिल गया है मन कौन इसको सँभाले।   मौत…

हुंकार
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अश्रु बहुत तू पी चुका,  अंगार बनाकर…

हे उदासी
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हे उदासी! निश्चेष्ट, निश्चल, बोल कुछ, क्यों…

शायरी

साहित्य के रंग शैलजा के संग

बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर हरीश नवल जी से एक मुलाक़ात

बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर हरीश नवल जी से एक मुलाक़ात SAHITYA KE RANG-SHAILJA KE SANG

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