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बिट्टो, तुम थकना मत

 

बिट्टो, 
तुम्हारी आँखों में
मैंने हमेशा
आकाश रखने की ज़िद देखी है
इसलिए जब तुम
दिनभर
दफ़्तर की दीवारों में
ख़ुद को समेटे रखती हो
तो
मुझे तुम्हारी चुप्पी
सब कुछ कह जाती है। 
 
तुम सोचती हो
पापा दुखी होंगे
इसलिए
अपने तनाव को
मुस्कान में छिपा लेती हो
पर सुनो बिट्टो
पिता का दुख
बेटी की थकान से नहीं
उसकी अनकही पीड़ा से होता है। 
 
नौकरी
सम्मान देती है
पहचान देती है
लेकिन
अगर वही नौकरी
मन को तोड़ने लगे
और शरीर से
ऊर्जा चूसने लगे
तो समझ लेना
वह साधन नहीं
बंधन बन रही है। 
 
याद रखना
तुम्हारा मन
किसी कंपनी का एसेट नहीं
और तुम्हारा शरीर
कोई मशीन नहीं
जिसे ओवरटाइम में
जलाया जाए। 
 
अगर आज
रुककर साँस लेना पड़े
तो यह हार नहीं
समझदारी है
अगर एक दरवाज़ा बंद करना पड़े
तो घबराना मत
क्योंकि
तुम्हारी क़ाबिलियत
खिड़कियाँ ख़ुद खोल देती है। 
 
तुम HR मैनेजर हो
पर सबसे पहले
ख़ुद की ह्यूमन बनो
अपनी नींद का सम्मान करो
अपने खाने का समय बचाओ
और
हर दिन
अपने मन से पूछो
मैं ठीक हूँ न
 
याद रखो
काम की सूची
कभी ख़त्म नहीं होती
पर
थका हुआ मन
बहुत कुछ खो देता है। 
 
तनाव से लड़ने के लिए
छोटी-छोटी बातें अपनाओ
हर दिन
कुछ पल
फोन से दूर रहो
गहरी साँस लो
ख़ुद से बात करो
और
जिस दिन लगे
आज नहीं हो पा रहा
उस दिन
ख़ुद को माफ़ कर दो। 
 
डर मत बिट्टो
नौकरी छोड़ने से नहीं
अपने आप को खो देने से डरना चाहिए। 
 
अगर मन स्वस्थ है
तो रास्ते ख़ुद बनते हैं
अगर शरीर साथ है
तो मंज़िलें
कभी दूर नहीं रहतीं। 
 
मैं चाहता हूँ
तुम सफल रहो
पर उससे भी ज़्यादा
मैं चाहता हूँ
तुम प्रसन्न रहो
जीवंत रहो
और
हर सुबह
अपने लिए
थोड़ा सा समय ज़रूर रखो। 
 
याद रखना
तुम्हारे पापा
तुम्हारी नौकरी से नहीं
तुम्हारी मुस्कान से
ख़ुश होते हैं। 
 
उठो बिट्टो
डरो मत
तुम मेरे शेर हो
ज़िंदगी तुम्हारे साथ है
और
जहाँ तुम स्वस्थ हो
वहीं से
सफलता
फिर चल पड़ती है। 

—पापा

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